Delhi News: समाज कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, चुनाव और सहकारिता मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने मंगलवार को रजिस्ट्रार को ऑपरेटिव सोसायटीज के कार्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने वहां के रिकॉर्ड की जांच की और सहकारी समितियों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और लंबित (पेंडिंग) मामलों की समीक्षा की.
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का सख्त आदेश है कि लंबित आवेदनों का निपटारा तय समय सीमा में किया जाए. लोग कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाएं, इसके लिए सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल किया जाए. इससे न केवल जनता को सुविधा होगी, बल्कि विभाग का कामकाज भी पारदर्शी बनेगा.
महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों की उपस्थिति और आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचे और आवेदकों को उनकी फाइलों की स्थिति (स्टेटस) की पूरी जानकारी दें. मंत्री ने यह भी कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पीने का साफ पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
सहकारिता मंत्री ने परिसर में लगने वाली शहीद भगत सिंह की भव्य प्रतिमा के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली. उन्होंने कहा कि सरकार ‘विकसित दिल्ली’ के संकल्प को पूरा करने के लिए स्व-सहायता समूहों (Self-Help Groups) की महिलाओं को अपने उत्पाद हाउसिंग सोसायटी में बेचने का मौका देगी. इससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी.
सहकारी समितियों को मजबूत बनाने पर जोर
मंत्री ने यह भी कहा कि सहकारिता विभाग को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए. सरकार की कोशिश है कि सहकारी समितियों को मजबूत किया जाए और लोगों को इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलें. उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनें और जल्द समाधान करें.
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने मंत्री को आश्वासन दिया कि डिजिटल प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और कार्यालय में सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा. मंत्री के निर्देशों से उम्मीद है कि सहकारी समितियों से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा होगा और आवेदकों को परेशानी नहीं होगी.
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