दिल्ली: यमुना बाजार में MCD के नोटिस पर बवाल, कांग्रेस बोली- 310 परिवारों को उजड़ने नहीं देंगे
Delhi News: MCD ने यमुना बाजार घाट पर बने करीब 310 परिवारों को 15 दिन के अंदर घर खाली करने का नोटिस जारी किया है, जिसके बाद आज दिल्ली कांग्रेस का एक डेलिगेशन वहां पहुंचा है.

- कांग्रेस परिवारों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी.
राजधानी दिल्ली के यमुना बाजार के इलाके को दिल्ली नगर निगम (MCD) ने खाली कराने का नोटिस जारी किया है. इसको लेकर अब राजधानी में सियासी तनाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने शुक्रवार को यमुना बाजार घाट क्षेत्र पहुंचकर MCD के बेदखली नोटिस का सामना कर रहे परिवारों से मुलाकात की.
MCD ने यमुना बाजार घाट पर बने करीब 310 परिवारों को 15 दिन के अंदर घर खाली करने का नोटिस जारी किया है, जिसके बाद आज दिल्ली कांग्रेस का एक डेलिगेशन दिल्ली कांग्रेस अध्यक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में इन परिवार से मिलने पहुंच था. इन परिवारों से बात करने के बाद देवेंद्र यादव ने सभी को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बात करते हुए देवेंद्र यादव ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी सरकार राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के आदेश का सहारा लेकर आजादी से पहले से यमुना बाजार घाट पर रह रहे इन 310 परिवारों को उजाड़ना चाहती है. उन्होंने इसे बीजेपी का साफ गरीब विरोधी चेहरा बताया. आगे यादव ने कहा कि ये परिवार पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और यमुना किनारे अपनी आजीविका चलाते हैं. MCD ने अचानक इन्हें 15 दिन का नोटिस देकर घर खाली करने को कहा है, जबकि पहले कभी ऐसा कोई नोटिस इन लोगों को नहीं मिला था.
यादव ने कहा कि अगर इन परिवारों को यहां से हटा दिया गया तो इनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा. बच्चे स्कूल छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं और पूरा परिवार बेरोजगारी की मार झेलेगा. देवेंद्र यादव ने बीजेपी पर ये आरोप लगाया कि पिछले 15 महीनों में यमुना सफाई में पूरी तरह नाकाम रही है. ऐसे में बीजेपी सरकार अपनी असफलता छिपाने के लिए इन गरीब लोगों को उजाड़ने की कोशिश कर रही है. इसलिए सरकार आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत NGT के आदेश का इस्तेमाल कर रही है.
बाढ़ पर आगे बोलते हुए यादव ने कहा कि दिल्ली में पहले भी कई बार बाढ़ आई थी, लेकिन तब इन लोगों को स्थायी रूप से नहीं हटाया गया था. कुछ समय के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर उन्हें वापस बसा दिया जाता था. देवेंद्र यादव ने साफ कहा कि दिल्ली कांग्रेस इन परिवारों को उजड़ने नहीं देगी. दशकों पुराने आशियानों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई के साथ सड़क पर उतर कर भी लड़ाई लड़ी जाएगी.


























