ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दिल्ली सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई पर बड़ी सीमा तय कर दी है. 14 मार्च को जारी आदेश के अनुसार अब शहर में रोजाना वितरित होने वाले कमर्शियल LPG सिलेंडरों को औसत खपत के करीब 20 प्रतिशत तक सीमित किया गया है. यह फैसला पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के बाद लिया गया है ताकि संकट के समय आवश्यक सेवाओं को ईंधन की कमी न हो.
क्यों लिया गया है यह फैसला?
दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति मार्गों पर दबाव बढ़ गया है. ऐसे हालात में जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देना आवश्यक माना गया है.
इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल, आवश्यक सेवाएं, आपातकालीन संस्थान और जरूरी व्यावसायिक गतिविधियां ईंधन की कमी से प्रभावित न हों. सरकार ने इसके लिए एक नियंत्रित और प्राथमिकता आधारित वितरण प्रणाली लागू करने का फैसला किया है.
नए आदेश के बाद क्या होंगे बदलाव?
दिल्ली में सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन लगभग 9,000 कमर्शियल LPG सिलेंडरों की बिक्री होती है. ये सिलेंडर 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के बराबर माने जाते हैं और होटल, रेस्तरां, ढाबों और कई व्यवसायों में इस्तेमाल होते हैं.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब रोजाना केवल लगभग 1,800 सिलेंडर ही वितरित किए जाएंगे. यह मात्रा शहर की औसत दैनिक खपत का लगभग 20 प्रतिशत है, जिसे नियंत्रित तरीके से बांटा जाएगा. सरकार ने बताया कि यह वितरण पूरी तरह प्राथमिकता आधारित होगा. इसमें सबसे पहले उन संस्थानों को LPG उपलब्ध कराई जाएगी जो सार्वजनिक सेवाओं या आपात जरूरतों से जुड़े हैं.
इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए तीनों ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ समन्वय किया जाएगा. इनके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सीमित आपूर्ति के बावजूद जरूरी सेवाओं को बिना रुकावट ईंधन मिलता रहे और शहर में जरूरी गतिविधियां प्रभावित न हों.
2 भारतीय LPG वाहक होर्मुज पार कर चुके हैं- गैस मंत्रालय
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नागरिकों से अनुरोध है किया है कि वे एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग जल्दबाजी में न करें और एलपीजी एजेंसियों पर भीड़भाड़ से बचने के लिए बुकिंग हेतु डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें.
जारी किए गए प्रेस रिलीज के अनुसार, घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं. दो भारतीय एलपीजी वाहक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं. जिनके मुंद्रा और कांदला पोर्ट पहुंचने की संभावना 16-17 मार्च को है.
वहीं पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक साझा रुख के लिए ब्रिक्स देशों के बीच आपसी चर्चा का जिक्र किया गया है.
