दिल्ली ब्लास्ट का एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कैसे धीमी गति से बढ़ रही गाड़ियों की कतार के बीच ही धमाका होता है. जिस i-20 कार में धमाका हुआ वो धीरे-धीरे रेड लाइट की ओर बढ़ रही है. अचानक चलती हुई ट्रैफिक में गाड़ी में ब्लास्ट होता है और आस पास की गाड़ियों को नुकसान पहुंचता है. ब्लास्ट वाली गाड़ी के आस पास जो छह-सात गाड़ियां मौजूद हैं उसके परखच्चे उड़ जाते हैं.
सरकार ने माना आतंकी हमला
बता दें कि सरकार ने इस धमाके को आतंकी हमला माना है. 10 की शाम को लाल किले के पास हुए इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई. इस मामले की जांच NIA कर रही है.
दिल्ली धमाके के बाद सामने आई नई थ्योरी
दिल्ली कार धमाके को लेकर अब एक नई थ्योरी निकलकर सामने आ रही है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वायरल पोस्ट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आतंकी उमर काफी डर गया था और डरकर ही उसने ये धमाका किया. लेकिन 10 नवंबर को हुए इस धमाके के बाद एक सवाल है जो सबके मन में है वो सवाल ये है कि क्या ये हमला आत्मघाती हमला था या नहीं?
जम्मू-कश्मीर पुलिस के सोशल मीडिया पोस्ट में क्या था?
दरअसल, जम्मू कश्मीर पुलिस ने 10 नवंबर को शाम 6 बजकर 10 मिनट पर एक्स पर एक पोस्ट लिया था कि 'You can run but you can't hide' यानी कि तुम भाग तो सकते हो लेकिन हमसे बच नहीं सकते. दावा है कि पुलिस का ये पोस्ट देखने के बाद उमर काफी डरा हुआ था. पकड़े जाने के डर से उमर ने जल्दबाजी में कार में विस्फोटक लगाया और जम्मू कश्मीर पुलिस के पोस्ट के करीब 40 मिनट बाद ही 6 बजकर 52 मिनट पर धमाका किया.
बताया जा रहा है कि उमर जम्मू कश्मीर पुलिस से बचते हुए दिल्ली आया था और लाल किले के पास उसने धमाके को अंजाम दिया, हालांकि दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों को इस बात का शक जरूर है कि ये धमाका बहुत जल्दबाजी में किया गया. इसमें एक एंगल ये भी निकलकर सामने आ रहा है कि कार सवार लोग विस्फोटक को हैंडल कर रहे थे. ऐसे में हो सकता है कि गलती से ये धमाका हो गया होगा.
