दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-4 में गुरुवार (4 सितंबर) की दोपहर को अचानक दो मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई. दिल्ली अग्निशमन विभाग को कॉल के जरिए इसकी सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंच गईं. फिलहाल, किसी के घायल होने की खबर नहीं है. फायर डिपार्टमेंट और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं. 

अभी तक जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार यह एक पुरानी फैक्ट्री की इमारत थी जिसमें एक साल पहले आग लगी थी. बिल्डिंग पहले ही जर्जर हालत में थी. इसमें मरम्मत का काम चल रहा था. इसलिए फैक्ट्री बंद थी, जिस वजह से यहां लोगों की मौजूदगी नहीं थी. फिलहाल, दमकल विभाग मलबा हटाने की कोशिश कर रहा है. 

आग के बाद बिल्डिंग का ढांचा बचा था अभी तक अधिकारियों ने मलबे में किसी के दबे होने की सूचना नहीं दी है. मलबा हटाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. एंबुलेंस और पुलिस की टीमें मौके पर हैं. स्थानीयों का कहना है कि एक साल पहले जब यहां आग लगी थी, तब इमारत का केवल ढांचा ही बचा था. 

बारिश के बीच दिल्ली में ऐसी कई घटनाएंदिल्ली में इस मानसून में काफी बारिश हुई है, जिसमें कई पुरानी इमारतें भरभराकर ढही हैं. इससे कुछ दिन पहले दरियागंज में 60 साल पुरानी जर्जर तीन मंजिला गिर गई थी. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. पिछले एक महीने से इसका ध्वस्तीकरण कार्य चल रहा था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि ध्वस्तीकरण के दौरान न तो श्रमिकों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया और न ही पर्याप्त इंतजाम किए गए. 

बताया जा रहा था कि इस हादसे के बाद स्थानीय लोग खुद ही रेस्क्यू में जुट गए. मजदूर सबसे पहले अपने स्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुच गए. तौफीर और जुबैर नाम के मजदूरों को बाहर निकाला गया. बाद में दमकल कर्मियों ने आगे के बचाव कार्य को अंजाम दिया.