दिल्ली के मुस्तफाबाद में ताहिर हुसैन ने निकाला रोड शो, कहा- 'इल्जाम जो हैं झूठे, देंगे जवाब सबके'
Delhi Assembly Election 2025: AIMIM प्रत्याशी ताहिर हुसैन के मुताबिक हिंदू इलाके के भी लोग मुझसे मिलकर जा रहे हैं. वह साथ देने की बात कर रहे हैं. मैं, जेल की बात करता हूं तो मेरी आंखें रोने लगती हैं.

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार का आज (3 फरवरी) आखिरी दिन है. आज ही दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से AIMIM प्रत्याशी ताहिर हुसैन की कस्टडी पैरोल का भी आखिरी दिन है. सुप्रीम कोर्ट ने ताहिर हुसैन को 3 फरवरी तक प्रचार करने के लिए कस्टडी पैरोल दी थी. चुनाव प्रचार समाप्त होने और जेल जाने से पहले ताहिर हुसैन ने सोमवार को मुस्तफाबाद इलाके में रोड शो निकाला.
दिल्ली के मुस्तफाबाद सीट से एआईएमआईएम प्रत्याशी ताहिर हुसैन ने रोड शो में लोगों से कहा, "मेरा नाम ताहिर हुसैन है. मुझे 5 साल तक बेल नहीं मिली. अगर मेरा नाम ताराचंद होता तो बेल मिल जाती."
'इल्जाम हैं झूठे, देंगे जवाब सबके'
दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कहा, "शुरू में मुझे लगता था कि मैं अपने आप को खत्म कर लूं. आत्महत्या कर लूं, लेकिन ना मेरा मजहब और ना मेरे देश का कानून इसकी इजाजत देता है.' उन्होंने इससे आगे शायराना अंदाज में कहा, 'मजबूर हैं हम इतने की मर भी नहीं सकते, इल्जाम जो हैं झूठे देंगे जवाब सबके."
ताहिर हुसैन के मुताबिक, "दिल्ली और देश भर में मुसलमान हमेशा से बीजेपी को हराने के लिए वोट करता है, लेकिन इस बार आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुसलमान का मोह भंग हो गया है. अरविंद केजरीवाल कहीं भी मुसलमान के इलाके में नहीं गए हैं, लेकिन मैं कह रहा हूं कि मैं यहां हर मां और बहन का साथी हूं. मेरा मुकाबला बीजेपी से ही है."
रोड शो में ताहिर ने की 'मन की बात'
एआईएमआईएम प्रत्याशी ताहिर हुसैन ने आगे कहा, "हिंदू इलाके के भी लोग मुझसे मिलकर जा रहे हैं और साथ देने की बात कर रहे हैं. मैं, जेल की बात करता हूं तो मेरी आंखें रोने लगती हैं. जिसका बाप जिंदा हो उसके बच्चे 5 साल से यतीम की जिंदगी जी रहे हैं. उसकी बीवी विधवा की जिंदगी जी रही है."
उन्होंने कहा, "यहां पर सवाल अपने पराए, हक और हकदार का है. मैं यहां 30 साल से रह रहा हूं. पहली बार यहां से कोई लोकल उम्मीदवार उठा है. इस क्षेत्र में जो समझदार हैं उन्हें पता है कि नफरत करने वाले कौन हैं और भाईचारा कायम करने वाले कौन हैं? इस चुनाव में हिंदू-मुसलमान की बात नहीं है."
अहम सवाल- क्या चुनाव बाद रिहा नहीं होऊंगा?
मुस्तफाबाद से एआईएमआईएम प्रत्याशी ने कहा, "अब मैं जेल चला जाऊंगा लेकिन मेरे बीवी बच्चे पिछले 6 महीने से सड़कों पर घूम रहे हैं. वह आज भी काम कर रहे हैं. कल भी काम करेंगे. चुनाव आयोग ने मुझे कैंपेनिंग के लिए बेल दी है तो क्या मैं चुनाव के बाद रिहा नहीं होऊंगा? इंशाल्लाह! मैं दोबारा हाजिर होऊंगा."
रोड शो के दौरान उन्होंने कहा, "जो लोग नाइंसाफी पसंद हैं, वह कहीं भी वोट डालें लेकिन जो लोग मुझे इंसाफ दिलाना चाहते हैं, वह लोग वोट मुझे वोट जरूर करें."
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