देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों और एयरलाइंस को आने वाले महीनों में बदली हुई व्यवस्था का सामना करना पड़ेगा. एयरपोर्ट प्रबंधन ने रनवे से जुड़ा एक बड़ा तकनीकी फैसला लिया है, जिसका असर ऑपरेशंस पर दिखेगा.

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दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने साफ किया है कि 16 फरवरी से एयरपोर्ट का तीसरा रनवे अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा. यह बंदी करीब पांच महीने तक जारी रहेगी. इस दौरान रनवे पर विमानों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी और इसे व्यापक सुधार कार्य के लिए तैयार किया जाएगा.

17 साल पुराने रनवे को मिलेगा नया जीवन

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जिस रनवे को बंद किया जा रहा है, वह साल 2008 से लगातार सेवा में है. बीते वर्षों में इस पर भारी संख्या में उड़ानों का संचालन हुआ है. हालांकि 2017 में इसमें आंशिक सुधार किया गया था, लेकिन अब लंबे अंतराल के बाद पूरी सतह को दोबारा तैयार करने की योजना बनाई गई है.

तकनीक और सेफ्टी पर रहेगा फोकस

रनवे के रिहैबिलिटेशन के दौरान कई अहम बदलाव किए जाएंगे. मौजूदा सतह हटाकर नई लेयर बिछाई जाएगी ताकि टेकऑफ और लैंडिंग अधिक सुरक्षित हो सके. इसके साथ ही विमानों की तेजी से आवाजाही के लिए एक नया रैपिड एग्जिट टैक्सीवे भी तैयार किया जाएगा.

लैंडिंग सिस्टम होगा और ज्यादा आधुनिक

एयरपोर्ट प्रबंधन इस मौके पर रनवे को तकनीकी रूप से भी अपग्रेड कर रहा है. खराब मौसम और कम विजिबिलिटी में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगाया जाएगा. इससे भविष्य में ऑपरेशनल क्षमता और उड़ानों की विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है.

बाकी रनवे से संभाला जाएगा ट्रैफिक

रनवे बंद रहने के दौरान एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन अन्य उपलब्ध रनवे से किया जाएगा. एयरलाइंस और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच तालमेल के जरिए शेड्यूल को मैनेज करने की तैयारी है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो.