दिल्ली की सबसे भरोसेमंद और तेज मानी जाने वाली एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन रविवार को अपनी रफ्तार खो बैठी. नई दिल्ली से एयरपोर्ट तक मिनटों में पहुंचाने वाली यह लाइन तकनीकी गड़बड़ी के कारण पूरे दिन धीमी चाल से चली, जिससे हजारों यात्रियों का सफर भी प्रभावित हुआ.
कहां से शुरू हुई समस्या
यशोभूमि से नई दिल्ली के बीच चलने वाली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सिग्नल सिस्टम से जुड़ी केबल चोरी हो जाने के कारण परिचालन प्रभावित हुआ. यह वही कॉरिडोर है, जहां मेट्रो आम दिनों में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है. एयरपोर्ट एक्सप्रेस पर सामान्य स्थिति में नई दिल्ली से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 तक का सफर लगभग 18 मिनट में पूरा हो जाता है और हर दस मिनट पर उपलब्ध रहने वाली ट्रेनें रविवार को तय समय से अधिक देर में गंतव्य तक पहुंचीं.
सुरक्षा के कारण घटानी पड़ी स्पीड
डीएमआरसी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धौला कुआं से शिवाजी स्टेडियम के बीच अप लाइन पर मेट्रो को बेहद धीमी गति से चलाया गया. इस हिस्से में ट्रेनों की रफ्तार करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक ही सीमित रखी गई.
पूरी लाइन नहीं की गई बंद
हालांकि शिवाजी स्टेडियम से नई दिल्ली और यशोभूमि से धौला कुआं के बीच मेट्रो सेवाएं सामान्य रहीं. इसके बावजूद पूरे कॉरिडोर पर स्पीड असंतुलित होने से यात्रियों को सफर में अतिरिक्त समय देना पड़ा. वहीं मेट्रो के अंदर और स्टेशनों पर देरी की सूचना भी लगातार दी जाती रही.
छुट्टी के दिन बढ़ी भीड़, बढ़ी परेशानी
रविवार होने के कारण मेट्रो में घूमने-फिरने निकले यात्रियों की संख्या अधिक थी. धीमी गति से चल रही ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर लंबे इंतजार ने लोगों की असुविधा को बढ़ा दिया था. कई यात्री ट्रेन के आने का इंतजार करते भी नजर आए. हालांकि, आज सुबह से एयरपोर्ट लाइन पर मेट्रो सेवाएं अपने निर्धारित आवृति पर सामान्य रूप से बहाल हो गयी है.
बार-बार क्यों बाधित होता है मेट्रो परिचालन?
मेट्रो कॉरिडोर से केबल चोरी की घटनाएं लगातार चुनौती बनती जा रही हैं. बीते एक साल में तांबे की केबल चोरी के 40 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. साल 2023 में 38 और 2025 में 43 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई. वहीं जून 2024 से 13 मार्च 2025 के बीच केबल चोरी की कुल 89 घटनाएं दर्ज की गई हैं. इनमें 35 मामले ट्रैक्शन केबल और 32 मामले सिग्नल केबल से जुड़े रहे.
क्यों एक चोरी रोक देती है पूरी रफ्तार
विशेषज्ञों के अनुसार सिग्नल और ट्रैक्शन केबल मेट्रो संचालन की सबसे अहम कड़ी होती हैं. इनमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ होते ही सुरक्षा मानकों के तहत ट्रेनों की गति सीमित करनी पड़ती है. यही कारण है कि एक चोरी पूरे नेटवर्क की रफ्तार पर असर डाल देती है.