दिल्ली एयरपोर्ट पर 5.38 करोड़ की ड्रग्स बरामद, गीजर के अंदर छिपाकर लाई जा रही थी खेप
Delhi News In Hindi: कस्टम अधिकारियों को पहले से मिली विशेष सूचना के आधार पर 7 जून को एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई थी. इसी दौरान ग्रीन चैनल पार कर चुके दो यात्रियों को संदेह के आधार पर रोका गया.

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम डिपार्टमेंट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी तस्करी के नेटवर्क को करारा झटका दिया है. मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर से पहुंचे दो यात्रियों के सामान से करोड़ों रुपये मूल्य का संदिग्ध हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया है. हैरानी की बात यह है कि प्रतिबंधित पदार्थ को नए गीजरों के भीतर बेहद सुनियोजित तरीके से छिपाकर भारत लाया गया था.
कस्टम अधिकारियों को पहले से मिली विशेष सूचना के आधार पर 7 जून को एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई थी. इसी दौरान ग्रीन चैनल पार कर चुके दो यात्रियों को संदेह के आधार पर रोका गया. प्रारंभिक जांच में कुछ असामान्य संकेत मिलने के बाद अधिकारियों ने दोनों के सामान की गहन तलाशी शुरू की.
जांच के दौरान अधिकारियों की नजर यात्रियों के साथ लाए गए दो बिल्कुल नए गीजरों पर गई. चेक-इन बैगेज के अलावा इन उपकरणों को साथ लाने की वजह स्पष्ट नहीं होने से संदेह और बढ़ गया. इसके बाद अधिकारियों ने यात्रियों से विस्तृत पूछताछ की और उनके मोबाइल फोन की भी जांच की.
एक्स-रे स्कैनर में खुला तस्करी का राज
जब गीजरों की एक्स-रे स्कैनिंग कराई गई तो उनके भीतर संदिग्ध वस्तुओं की मौजूदगी सामने आई. इसके बाद उपकरणों को खोलकर जांच की गई, जिसमें अंदर से बड़ी संख्या में वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए. कुल 145 पैकेटों में हरे रंग का पत्तेदार पदार्थ भरा हुआ मिला, जिसकी शुरुआती जांच में हाइड्रोपोनिक गांजा होने की पुष्टि हुई है.
15 किलो से अधिक मादक पदार्थ बरामद
कस्टम अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जब्त किए गए संदिग्ध मादक पदार्थ का कुल वजन 15.38 किलोग्राम है. अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.38 करोड़ रुपये आंकी गई है. बरामद खेप को हाल के समय में एयरपोर्ट पर पकड़ी गई बड़ी ड्रग्स बरामदियों में शामिल माना जा रहा है.
क्या होता है हाइड्रोपोनिक गांजा?
हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे से अलग तकनीक से तैयार किया जाता है. इसे मिट्टी की जगह पोषक तत्वों से भरपूर पानी में उगाया जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार इस किस्म में नशीले तत्वों की मात्रा अधिक हो सकती है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी मांग और कीमत दोनों ज्यादा रहती हैं.
दोनों आरोपी गिरफ्तार
कस्टम अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया है और दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप का वास्तविक स्रोत क्या था और इसे भारत में किस तक पहुंचाया जाना था. साथ ही इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि क्या आरोपी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी गिरोह से भी जुड़े हुए हैं.

























