Delhi Air Pollution Update: दिल्ली में हवा लगातार साफ हो रही है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार जारी है. आज दिल्ली का AQI 138 रिकॉर्ड किया गया, जो कल 153 था और पिछले साल 30 मार्च 2024 को 189 था. यह सुधार दिल्ली सरकार की सख्त प्रदूषण नियंत्रण नीति और नई तकनीकों के इस्तेमाल का नतीजा है.
नई तकनीकों से प्रदूषण पर लगाम
दिल्ली सरकार नई टेक्नोलॉजी अपनाकर हवा को और साफ करने की कोशिश कर रही है. पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने हाल ही में ड्रोन मिस्ट स्प्रिंकलर, आउटडोर एयर प्यूरिफायर और रियल-टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम का निरीक्षण किया. सरकार इन तकनीकों को सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में लागू कर रही है ताकि हवा की गुणवत्ता में जल्दी सुधार हो. पर्यावरण मंत्री ने बताया कि नई दिल्ली इलाके में पोल स्प्रिंकलर लगाए जा रहे हैं, जो धूल को दबाने और हवा को साफ करने में मदद करेंगे. साथ ही, रोड स्वीपिंग मशीन और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल भी अनिवार्य किया गया है.
2025 एक्शन प्लान: प्रदूषण रोकने की बड़ी योजना
दिल्ली सरकार ने 2025 के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसमें कई बड़े कदम शामिल हैं
• इलेक्ट्रिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
• इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो कनेक्टिविटी को मजबूत करना
• वाहनों से निकलने वाले धुएं पर सख्त नियंत्रण
• उद्योगों में साफ तकनीकों का उपयोग और कचरे के निपटान में सुधार
• शहर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण, ग्रीन रूफटॉप और वर्टिकल गार्डन को बढ़ावा देना
इसके अलावा, AI-आधारित प्रदूषण भविष्यवाणी मॉडल और शुरुआती चेतावनी सिस्टम पर भी काम किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ने से पहले ही सरकार एक्शन ले सके. पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “पहले की सरकारें सिर्फ कागज़ों पर योजनाएं बनाती थीं, लेकिन हमारी सरकार ज़मीन पर असली काम कर रही है. दिल्ली की हवा में लगातार हो रहा सुधार हमारी मेहनत का नतीजा है. हम आगे भी नई तकनीक और सख्त कदम उठाकर प्रदूषण से लड़ाई जारी रखेंगे.”
दिल्ली सरकार ने 2025-26 के बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 506 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसमें से 300 करोड़ रुपये ‘प्रदूषण नियंत्रण और आपातकालीन उपायों’ के लिए रखे गए हैं. साथ ही, दिल्ली में छह नए कंटीन्यस एंबियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग (CAAQM) स्टेशन बनाए जाएंगे ताकि प्रदूषण पर रियल-टाइम नजर रखी जा सके.
दिल्ली की हवा कैसे हो रही साफ़?
दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की चपेट में रही है. 2015-20 के बीच सर्दियों में AQI 300 से 500 के बीच रिकॉर्ड किया जाता था, जो गंभीर श्रेणी में आता है. पराली जलाने, वाहनों के धुएं, निर्माण कार्यों और औद्योगिक प्रदूषण की वजह से दिल्ली की हवा बेहद जहरीली हो जाती थी. लेकिन हाल के वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए गए. ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP), पटाखों पर प्रतिबंध, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और दिल्ली में ग्रीन कवर बढ़ाने जैसे उपायों का असर अब दिखने लगा है. दिल्ली सरकार का दावा है कि आने वाले सालों में दिल्ली की हवा और साफ होगी और AQI को 100 से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है.
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