दिल्ली में सफर करना होगा और भी आसान, बढ़ेगा इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा, आएंगी 200 नई EV
Electric Buses in Delhi: दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बना रही है. वर्तमान में 4000 से अधिक बसें चल रही हैं, और साल के अंत तक 7500 का लक्ष्य है.

दिल्ली में साफ और बेहतर सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ा रही है. दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को परिवहन विभाग और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कामकाज की समीक्षा बैठक की. इस बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार, चार्जिंग व्यवस्था और नए बस टर्मिनल जैसे कई अहम प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई.
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में 4000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं. इसी महीने 200 नई इलेक्ट्रिक बसें और सड़कों पर उतारी जाएंगी. इसके साथ ही सरकार का लक्ष्य है कि साल के अंत तक दिल्ली में करीब 7500 इलेक्ट्रिक बसें हो जाएं. इससे प्रदूषण कम करने और लोगों को बेहतर सफर की सुविधा देने में मदद मिलेगी.
कम प्रदूषण और आरामदायक यात्रा
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार का फोकस साफ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पर है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों से न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि यात्रियों को भी आरामदायक यात्रा मिलेगी.
बैठक में यह भी बताया गया कि दिल्ली के 44 बस डिपो में पहले से ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग की व्यवस्था बनाई जा चुकी है. इसके अलावा पीएम ई-ड्राइव फेज-1 और फेज-2 योजना के तहत 36 और डिपो में चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. इससे आने वाले समय में और ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें आसानी से चलाई जा सकेंगी.
भलस्वा में नया ISBT
सरकार दिल्ली के उत्तरी हिस्से में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए भलस्वा इलाके में नया इंटरस्टेट बस टर्मिनल बनाने की योजना भी बना रही है. यह टर्मिनल करीब 20 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा. खास बात यह है कि यह जमीन भलस्वा लैंडफिल साइट से रिक्लेम की जा रही है. इससे आसपास के इलाकों को भी फायदा मिलेगा और इंटरस्टेट बसों की आवाजाही आसान होगी.
इसके अलावा, अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) के पास नया डीटीसी बस डिपो बनाने की संभावना भी देखी जा रही है. तेजी से बढ़ती आबादी और नए इलाकों में बस सेवा मजबूत करने के लिए यह कदम जरूरी माना जा रहा है. वहीं बुराड़ी बस डिपो को भी अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बढ़ती इलेक्ट्रिक बसों को बेहतर तरीके से चलाया जा सके.
समय-समय पर होगी बसों की फिटनेस जांच
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि नंद नगरी और तिहखंड में बने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) अप्रैल से आम लोगों के लिए शुरू हो सकते हैं. इन केंद्रों पर गाड़ियों की फिटनेस जांच आधुनिक मशीनों से होगी, जिससे सड़क सुरक्षा और नियमों का पालन बेहतर होगा.
पिछले कुछ सालों में दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों पर खास जोर दिया गया है. दिल्ली सरकार का दावा है कि बड़ी संख्या में ईवी बसें आने से डीजल बसों पर निर्भरता घटेगी और शहर की हवा को साफ बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही यात्रियों को भी ज्यादा बसें और बेहतर सेवा मिलने की उम्मीद है.
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Source: IOCL




























