650 करोड़ के कथित स्वास्थ्य घोटाले पर कांग्रेस का हमला, दिल्ली के अस्पतालों और खरीद व्यवस्था पर गंभीर सवाल
Delhi News: देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में खरीद से जुड़ा यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए कथित भ्रष्टाचार के नए उदाहरण के रूप में सामने आया है.

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़े 650 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आम आदमी पार्टी और बीजेपी दोनों पर निशाना साधते हुए राजधानी की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित सार्वजनिक धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, जबकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर केवल आश्वासन दिए जाते रहे.
देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में खरीद से जुड़ा यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए कथित भ्रष्टाचार के नए उदाहरण के रूप में सामने आया है. उनके अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खर्च किए जाने वाले फंड का सही उपयोग सुनिश्चित करने के बजाय व्यवस्था को अनियमितताओं के हवाले कर दिया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा बीजेपी सरकार इस मामले में जवाबदेही तय करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है.
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मोहल्ला क्लीनिक व्यवस्था पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान संचालित औषधालयों को मोहल्ला क्लीनिकों में बदलने के बाद दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा बुनियादी ढांचे में लगातार गिरावट आई. उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में सरकारी अस्पताल कुछ भ्रष्ट अधिकारियों, मंत्रियों और चिकित्सकों के लिए धन उगाही का माध्यम बनते चले गए, जिसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ा.
एलएनजेपी अस्पताल विस्तार परियोजना का भी किया जिक्र
देवेंद्र यादव ने लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के ब्लॉक विस्तार परियोजना में कथित वित्तीय गड़बड़ियों और लागत में भारी बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना था कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद संबंधित मंत्रियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने इसे करदाताओं के धन के दुरुपयोग पर सरकारों की कथित मिलीभगत का संकेत बताया.
केंद्रीय खरीद एजेंसी की भूमिका जांच के घेरे में
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद को केंद्रीकृत करने, लागत कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से गठित केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) की कार्यप्रणाली अब गंभीर सवालों के घेरे में है. कांग्रेस नेता के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि एजेंसी से जुड़े कुछ अधिकारियों ने ऑर्डर बढ़ाने, आपूर्तिकर्ताओं के चयन और बाजार दरों से अधिक कीमत पर बिल स्वीकृत कराने में कथित तौर पर भूमिका निभाई.
10 डॉक्टरों और 45 अधिकारियों को नोटिस
देवेंद्र यादव ने बताया कि एसीबी द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद दिल्ली सरकार के अस्पतालों और सीपीए की खरीद प्रक्रिया से जुड़े मामलों में 10 डॉक्टरों और 45 अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं. उनके अनुसार, यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसियां खरीद व्यवस्था में संभावित अनियमितताओं को गंभीरता से देख रही हैं.
नकली दवा प्रकरण के बाद एक और बड़ा विवाद
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नकली दवा घोटाले के आरोपों के बाद 650 करोड़ रुपये का यह कथित मामला दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र पर लगा एक और बड़ा दाग है. उन्होंने दावा किया कि एक समानांतर जांच में दिल्ली पुलिस और अपराध शाखा ने ऐसे रैकेट का भी खुलासा किया है, जिनके माध्यम से सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वितरण के लिए उपलब्ध दवाएं निजी बाजारों तक पहुंचाई जा रही थीं.
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस योजना में केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा सुविधा के साथ दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त टॉप-अप कवर भी शामिल है, जिससे बुजुर्गों को इलाज के दौरान अधिक वित्तीय सुरक्षा मिल सके.
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