UCC लागू हुआ तो क्या होगा? सलमान खुर्शीद ने अभी से बता दिया 'भविष्य'?
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2029 तक एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी लागू हो जाएगा.

गृह मंत्री अमित शाह ने साल 2029 से पहले भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान किया है. अब इस पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि ने तीखी टिप्पणी करते हुए यूसीसी का भविष्य भी बता दिया है.
खुर्शीद ने कहा अगर उन्हें लगता है कि वे बिना कोई ठोस काम किए सिर्फ ऐसी बातें करके चुनाव जीत सकते हैं, तो यह उनका अपना फैसला है.मुझे पता है कि उत्तराखंड में इसे चुनौती दी गई है; वहां दायर मामला अभी लंबित है और सुनवाई का इंतजार कर रहा है.मुझे उम्मीद है कि दूसरे राज्यों में भी ऐसा ही होगा.
कानूनी तौर पर जांच होनी चाहिए- खुर्शीद
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनकी (BJP की) एक खास विचारधारा है.हम उस विचारधारा से सहमत नहीं हो सकते, और हमारा मानना है कि संविधान को समझने की जरूरत है.किसी की भी विचारधारा हो, वह संविधान से अलग नहीं हो सकती.उन्होंने जो भी कदम उठाए हैं-चाहे उत्तराखंड में हों या दूसरे राज्यों में, या जहां वे इन्हें लागू करना चाहते हैं-उनकी कानूनी तौर पर जांच होनी चाहिए.
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उन्होंने कहा कि चाहे हाई कोर्ट हो या सुप्रीम कोर्ट, जांच का आधार मौलिक अधिकार होंगे-खासकर हर भारतीय नागरिक का अपनी आस्था और धर्म को मानने का अधिकार.जब अदालतें इन अधिकारों की व्याख्या पर अपना फैसला सुनाएंगी, तभी कुछ पक्के तौर पर कहा जा सकेगा.तब तक, वे अपनी मर्जी से बोलते और काम करते रह सकते हैं.
गृह मंत्री ने रविवार को एक प्रेस वार्ता में यूसीसी लागू करने संबंधी बयान दिया था. बता दें बिहार ,छत्तीसगढ़,हरियाणा , महाराष्ट्र , मणिपुर ,मेघालय ,नगालैंड ,ओडिशा , राजस्थान , सिक्किम , त्रिपुरा ,उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में यूसीसी नहीं लागू है. गुजरात और मध्य प्रदेश में प्रकिया जारी है और असम में कानून पारित हो चुका है.





















