दिल्ली में लगातार बढ़ती गर्मी और 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचते तापमान के बीच हीट वेव को लेकर सियासत भी तेज हो गई है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हीट वेव से राहत देने के लिए घोषित एक्शन प्लान जमीनी स्तर पर पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है.
उन्होंने दावा किया कि खुले में काम करने वाले मजदूर, दिहाड़ी श्रमिक और सड़क पर रहने वाले लोग भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है.
एक्शन प्लान सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित
देवेंद्र यादव ने कहा कि 25 अप्रैल को घोषित हीट वेव एक्शन प्लान का वास्तविकता में कहीं असर दिखाई नहीं दे रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की यह योजना भी प्रदूषण नियंत्रण, यमुना सफाई और स्वच्छता अभियान जैसी अन्य योजनाओं की तरह सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है.
उनका कहना है कि मौसम विभाग पहले ही भीषण गर्मी की चेतावनी दे चुका है, इसके बावजूद लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए.
दिल्ली में तपते दिन ही नहीं, रातें भी रिकॉर्ड स्तर पर गर्म
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मई महीने में दिल्ली में दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी पिछले 14 वर्षों के मुकाबले सबसे अधिक दर्ज किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है, जबकि सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह लापरवाह बनी हुई है.
निर्माण श्रमिकों और गरीबों के लिए आर्थिक सहायता की मांग
देवेंद्र यादव ने मांग की कि दिल्ली सरकार निर्माण श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों और खुले में रहने वाले गरीब लोगों को मुफ्त राशन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए. उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर तपती गर्मी में काम करने को मजबूर हैं. यादव ने कहा कि जब सरकारी कर्मचारियों को गर्मी के कारण वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जा सकती है, तो निर्माण श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों को भी राहत और आर्थिक मुआवजा मिलना चाहिए.
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली-एनसीआर में करीब 13 लाख निर्माण श्रमिकों के लिए सरकार ने सिर्फ दिशा-निर्देश जारी किए, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई.इसके कारण श्रमिक खुले में काम करने को मजबूर हैं.
अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर सुविधाओं के दावों पर सवाल
देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने हीट वेव एक्शन प्लान 2026 के तहत अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर कूलिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया था. इसमें 30 से अधिक अस्पतालों में कूल रूम, 330 एम्बुलेंस, स्कूलों में वाटर एटीएम, कूलिंग पॉइंट, शेल्टर और बस स्टॉप पर छाया की व्यवस्था जैसी घोषणाएं शामिल थीं.
उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कोई भी योजना धरातल पर लागू नहीं हुई. यादव ने कहा कि एम्स और सफदरजंग जैसे बड़े अस्पतालों के बाहर मरीज दिन-रात बिना छत के लंबी कतारों में खड़े होकर इलाज का इंतजार करने को मजबूर हैं.
लोग सरकार के भरोसे न रहें, खुद सावधानी बरतें
देवेंद्र यादव ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में भी अत्यधिक गर्मी की चेतावनी दी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकार की घोषणाओं पर निर्भर रहने के बजाय खुद सावधानी बरतें और जरूरत न होने पर घर से बाहर निकलने से बचें.
उन्होंने कहा कि पानी की कमी और बिजली कटौती सरकार की बड़ी विफलता है. कांग्रेस नेता का आरोप है कि लोग दिनभर मेहनत करने के बाद भी रात में बिजली कटौती और गर्मी के कारण चैन से सो नहीं पा रहे हैं, जबकि सरकार इस संकट पर चुप्पी साधे हुए है.
