'शाम तक दर्ज नहीं हुआ केस तो...' सौरव दास का दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं और निशु के पिता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. इस पर उन्हें पुलिस ने आश्वासन दिया है.

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है. इस मामले को लेकर दिल्ली में फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है. सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे.
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने अब दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम दे दिया है. सौरव का कहना है कि एडिशनल एसपी ने वादा किया है कि निशु के पिता के मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज होगा. साथ ही एससी-एसटी एक्ट भी लगाया जाएगा. 308 की धारा भी लगाए जाएगी और 351 की धारा भी लगाई जाएगी.
सौरव ने आगे बताया, "इस पर आज शाम तक का वादा किया गया है. लेकिन अगर शाम तक केस दर्ज नहीं हुआ तो हम लोगों को वापस आना पड़ेगा. हम लोग शाम को आकर इसकी कॉपी लेंगे."
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सौरव दास ने आरोपी की गिरफ्तारी पर क्या बताया?
सौरव दास ने आरोपी की गिरफ्तारी पर बताया, "हम सभी को आश्वासन दिया है कि 72 घंटे के अंदर सारे ऐसे गुंडों को गिरफ्तार किया जाएगा. इस लिए एक टीम का गठन किया जा रहा है और कार्रवाई की जाएगी. इसलिए हम लोग बातचीत करने के लिए आए थे."
सीजेपी प्रवक्ता का कहना है कि जो दिल्ली पुलिस ने वादा किया है उसको पूरा किया जाए. हम देख रहे हैं और पहले दिन से ही हम सारे प्रदर्शनकारी और छात्रों के साथ खड़े हैं. इन्हीं प्रयासों से एफआईआर खत्म हुई और मुआवजा मिला. इन्हीं प्रयासों से अभी न्याय भी होगा. संजय आजाद और निशु को जो धमकी मिल रही है उस पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी. इसके लिए भी आश्वास्त किया गया है. उस पर भी एससी-एसटी एक्ट और साइबर क्राइम के दोष लगेंगे.
सीजेपी प्रवक्त सौरव दास ने बातचीत के बाद क्या कहा?
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा कि जंतर-मंतर पर जब उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तब वहां हिंसा हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि यह आपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से हिंसा करती आ रही है. उन्होंने कहा, ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है.
दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2,800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें. क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए.
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