भारत के रजिस्ट्रार जनरल (Registrar General) और जनगणना आयुक्त (Census Commissioner of India) मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार (30 मार्च) को बताया कि जनगणना-2027 का पहला चरण 16 अप्रैल को मकान सूचीकरण अभियान के साथ शुरू होगा. इस दौरान सभी संरचनाओं, घरों और परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी. नारायण ने बताया कि यह प्रक्रिया 30-30 दिनों के दो चरणों में चलेगी.

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NDMC के इलाकों में 16 अप्रैल, MCD में 16 मई से प्रक्रिया

जनगणना आयुक्त ने कहा कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगी, जबकि दिल्ली नगर निगम (MCD) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में इस प्रक्रिया के लिए 16 मई से 15 जून तक की तारीख तय की गई है. एनडीएमसी और दिल्ली छावनी क्षेत्रों के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी, जबकि एमसीडी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लोगों को यह सुविधा एक मई से 15 मई तक मिलेगी.

सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प, 16 अंकों का मिलेगा कोड

मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि नागरिकों के पास स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प होगा, जहां वे स्व-गणना वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करके सभी जानकारी मुहैया कराएंगे और उसके बाद 16 अंकों का कोड मिलेगा. 

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अधिकारी को बताना होगा 16 अंकों वाला कोड

उन्होंने कहा, ‘‘यह कोड जनगणना अधिकारी के साथ तब साझा करना होगा जब वह घर-घर जाकर जनगणना करेगा. अधिकारी स्वयं व्यक्ति द्वारा डिजिटल रूप से साझा की गई जानकारी का सत्यापन करेगा. नागरिक इस चरण में आवश्यक सुधार कर सकते हैं. सत्यापन के बाद, जानकारी जमा कर दी जाएगी.’’ 

दो चरणों में होगी जनगणना

जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है. पहले चरण में मकानों की सूची और आवास की गिनती होगी, जबकि दूसरे चरण में लोगों की गिनती होगी.

स्पेशल मोबाइल एप्लिकेशन का होगा इस्तेमाल

पहली बार यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिसमें जनगणना करने वाले कर्मचारी जानकारी इकट्ठा करने के लिए अपने फोन पर एक स्पेशल मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे.

लोगों से पूछे जाएंगे 33 सवाल

इस प्रक्रिया के दौरान लोगों से उनके घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, घर के मुखिया के बारे में जानकारी, जैसे कि नाम और लिंग, और स्वामित्व की स्थिति के बारे में कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे.

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इस संबंध में 22 जनवरी को जारी राजपत्र अधिसूचना के मुताबिक, जनगणना करने वाले अधिकारी परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, वहां रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, प्रकाश (लाइट) का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुविधा और प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान सुविधा की उपलब्धता, रसोई और एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता और खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले मुख्य ईंधन के बारे में भी पूछेंगे.

आपत्तिजनक सवाल पर तीन साल तक की कारावास

जानबूझकर जनगणना 2027 के दौरान ‘कोई भी आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न’ पूछने का दोषी पाए जाने पर उक्त अधिकारी को तीन वर्ष तक कारावास की सजा का सामना करना पड़ सकता है.