राम मंदिर चढ़ावा मामले में टिन्नू यादव की पत्नी बोलीं, 'अगर 50 करोड़ की संपत्ति होगी तो वो...'
Ayodhya Ram Temple Donation Row: राम मंदिर में कथित चढ़ावा घोटाले में टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने कहा कि 50 कमरे, लग्जरी गाड़ी और हॉस्टल ये सब बातें गलत हैं.

अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा घोटाले में टिन्नू यादव पर आरोप लग रहे हैं. टिन्नू यादव अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं. अब उनकी पत्नी पूनम यादव भी मीडिया के सामने आई हैं. उन्होंने सारे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ये सब फंसाने की साजिश है. उन्होंने सवाल किया क्या किसी के पास कोई ठोस सबूत है? बस बदनाम किया जा रहा है. पत्नी ने कहा कि 50 कमरे, लग्जरी गाड़ी और हॉस्टल ये सब बातें गलत हैं.
पूनम यादव ने कहा, "इनको बदनाम करने की साजिश है. इनको फंसाया जा रहा है. इनकी छवि को गंदा किया जा रहा है. 15 दिनों से हम लोग कितने तनाव में हैं. मानसिक तनाव दिया जा रहा है. मकान मेरा 2008 का खरीदा हुआ है, राम मंदिर पर फैसला आने से पहले. 2015 में बन गया है. जो मेरे पास है वो सब पारदर्शी है. कोई घोटाला नहीं किया है."
'32 सालों की सेवा पर बदनामी का दाग लगा है'
इस मामले में SIT के गठन पर उन्होंने कहा, "उम्मीद यही करते हैं कि जो सच्चाई है, जो इनकी 32 सालों की सेवा पर बदनामी का जो दाग लगा है उसको पाक साफ किया जाए. पहले हमें सच्चाई की जांच करनी चाहिए. किसी को परेशान करना, ये सब क्या है? वो व्यक्ति आज तक सेवा ही कर रहा है. अगर किसी के पास 50 करोड़ की संपत्ति होगी तो वो सुबह जाएगा और रात को 11 बजे आएगा, इतनी परिश्रम करने की क्या जरूरत होगी? मंदिर निर्माण के दौरान वो भोजन बनवाकर स्वयं मजदूरों को खिलवाते थे. ठंडी, गर्मी, बरसात हमेशा इन्होंने संघर्ष ही किया है.
सबकी जांच होनी चाहिए- पूनम यादव
पूनम यादव ने आगे कहा, "जांच करनी है करिए. जहां कहेंगे हम वहां चलेंगे. लेकिन और सारे लोग भी हैं. सबकी जांच होनी चाहिए. मैं बस ये चाहती हूं कि इनके ऊपर बदनामी के जो दाग लगे हैं उसकी निष्पक्ष जांच हो. वो पूरे देवता हैं, उतने अच्छे तो हम नहीं हैं. जिसको देखते हैं सिर झुकाकर प्रणाम करते हैं. इन्होंने आज तक कहीं कोई गलत काम नहीं किया. इनकी ईमानदारी को देखकर ही राम मंदिर में लगा दिया गया."
अगर बेईमानी करते तो आज यहां टिके नहीं रहते- पूनम यादव
उन्होंने आगे कहा कि उनका न किसी से झगड़ा है न किसी से गलत संबंध है. हम दाल रोटी खाने वाले साधारण लोग हैं. जब 800-1200 रुपये तनख्वाह थी तभी से लगे हुए हैं. अगर बेईमानी करते तो आज तक यहां टिके रहते? ये बात लोगों को गौर करनी चाहिए.
कौन हैं टिन्नू यादव?
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू चंपत राय के ड्राइवर हैं. इनके पास अयोध्या में करोड़ों की जमीन और संपत्ति होने की बात कही जा रही है. हालांकि अभी तक इस केस में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है.लेकिन चढ़ावे की चोरी के आरोपों की तीन शिकायतें जरूर दर्ज हो चुकी हैं. अयोध्या थाने में कारसेवक संतोष दुबे ने शिकायत दी है. संतोष दूबे वो हैं जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में गोलियां खाईं थीं.
आरोप है कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई और ये चोरी लंबे वक्त की हो रही थी. सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज तक डिलीट करवा दिये गये थे. इस पूरे केस में पूरा राममंदिर ट्रस्ट मैनेजमेंट संदेह के घेरे में है. लेकिन जिन चार किरदारों पर सबसे ज्यादा उंगलियां उठ रही हैं वो राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव, मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र और चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव, जिन्हें चंदा चोरी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है.
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