5 रुपये में भरपेट खाना वाले अटल कैंटीन की शुरुआत, लोग बोले, 'भूखे पेट सोना नहीं पड़ेगा'
Atal Canteen Delhi: एबीपी लाइव की टीम अटल कैंटीन की शुरुआत पर दिल्ली के द्वारका सेक्टर 3 में स्थित डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर पहुंची. यहां लोग 5 रुपए में भरपेट भोजन का आनंद उठा रहे हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए गुरुवार (25 दिसंबर) से अटल कैंटीन योजना की शुरुआत हो गई है. सिर्फ 5 रुपये में भोजन मिलने से दिहाड़ी मजदूर, अन्य कामकाजी लोगों के साथ छात्र काफी खुश नजर आ रहे हैं. इनका कहना है कि सरकार जरूरतमंद लोगों को महज 5 रुपये में खाना खिलाकर बहुत बड़ा काम कर रही है. गरीब और जरूरतमंद लोगों को इससे मदद मिलेगी और उन्हें भूखा पेट सोना नहीं पड़ेगा. एबीपी लाइव की टीम द्वारका सेक्टर 3 इलाके के JJ कॉलोनी में पहुंची और स्थानीय लोगों से इसे लेकर बात की.
एबीपी लाइव की टीम इस नए योजना की शुरुआत पर पड़ताल के लिए राजधानी दिल्ली के उपनगरी द्वारका सेक्टर 3 इलाके स्थित डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर पहुंची. योजना की शुरुआत से पहले ही स्थानीय लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया. महज 5 रुपए में अटल कैंटीन से पहली बार आम लोगों को भोजन परोसा गया. इसका लाभ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उठा रहे हैं. बच्चे, महिला, पुरुष या बुजुर्ग सभी लोग इस अटल कैंटीन में आ रहे हैं और सिर्फ 5 रुपए में भरपेट भोजन का आनंद उठा रहे हैं.
काउंटर में फोटो खिंचवा पर्ची के लिए लगी लाइन
एबीपी लाइव की टीम ने अटल कैंटीन में भोजन करने वाले लोगों से उनकी प्रतिक्रिया जानी. भोजन ग्रहण यानी इस कैंटीन द्वारा मिल रहे खाने का फायदा उठाने वाला स्थानीय तिहारी मजदूर उमेश पासवान, युवा छात्र कुशाल, द्वारका कोर्ट में स्टेशनरी शॉप चलाने वाला शंकर कुमार, सिलाई का कार्य करने वाला अवधेश राम और घिसाई का काम करने मनोज महतो समेत सैकड़ों लोग लंबी कतरा लगाकर अपनी बारी के आने का इंतजार कर रहे थे. अपनी बारी आने पर कर्मचारी द्वारा अपना फोटो खिंचवाकर 5 रुपए देने के बाद उन्हें पर्ची मिली जिसे दूसरे काउंटर पर देकर खाना लेते दिखे.
5 रुपए में स्वादिष्ट और भरपेट खाने की लोगों ने की तारीफ
एबीपी लाइव की टीम से बात करते हुए वहां खाने आए लोगों ने कहा, ''सरकार जरूरतमंद लोगों के लिए इस तरह सिर्फ 5 रुपए में खाना खिलाकर बहुत बड़ा काम कर रही है. भरपेट खाने को मिल रहा है. 5 रोटी, चावल, दाल और सब्जी के साथ अचार भी मिल रहा है. इतना खाना तो घर में भी रोजाना 2 वक्त नहीं मिल पाता है. ये दिहाड़ी मजदूर और कम कमाने वाले लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है.
वहीं युवा छात्र, स्टेशनरी शॉप चलाने वालों के साथ अन्य बाहरी कुछ बाहरी लोग भी इस खाने का लुफ्त उठाने पहुंचे. उनका कहना था कि सरकार की इस पहल से गरीब और जरूरतमंद लोगों को काफी सहयोग मिलेगा, उन्हें भूखे पेट सोना नहीं पड़ेगा. हमलोग तो बहुत खाने की स्वाद लेने के साथ देखने आए की क्या 5 रुपए में खाना मिलता है. खाना पौष्टिक और स्वादिष्ट है जो ऐसे लोगों के लिए वरदान साबित होगा.
सुबह से ही लोगों के आने का सिलसिला हुआ शुरू
बता दें कि कैंटीन के भीतर 3 काउंटर बने हुए हैं. एक पर अपनी पहचान के लिए तस्वीर खिंचवाने के साथ मिलने वाली पर्ची, दूसरे पर खाने का सामान, तीसरे काउंटर पर पानी समेत अन्य व्यवस्थाएं हैं. वहां मौजूद इस कैंटीन के संचालक नरेश जैन से मुलाकात हुई. उन्होंने एबीपी को जानकारी देते हुए बताया, ''कल शाम से ही लोगों द्वारा जानकारी ली जा रही थी कि यहां क्या होने वाला है. सुबह 7 बजे से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था.
उन्होंने आगे बताया, ''10 बजे तक पूरी तैयारी कर लोगों को 11 बजे से कूपन देने का सिलसिला शुरू किया गया और सभी को क्रमबद्ध खाना दिया जा रहा है. दोपहर और रात के समय 500-500 लोगों की शुरुआती भोजन देने की व्यवस्था की गई है, जो जरूरत के अनुसार आगे भी बढ़ाया जा सकता है.''
पहले चरण में 100 कैंटीन खोलने की तैयारी
दिल्ली सरकार की योजना के तहत शुरुआती चरण में राजधानी में कुल 100 अटल कैंटीन खोली गई है. जरूरत पड़ने पर कैंटीन की संख्या में इजाफा भी किया जा सकता है. इन कैंटीनों के माध्यम से प्रतिदिन करीब एक लाख लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे गरीब और मजदूर वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी.
अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर योजना
भाजपा सरकार ने राजधानी में सस्ती भोजन व्यवस्था लागू करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस को चुना. सरकार की घोषणा के अनुसार, इस योजना को पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर ही संचालित किया जाएगा. ग्रेप-IV की पाबंदियों के कारण कुछ कैंटीन फिलहाल तैयार नहीं हो सकी हैं, लेकिन अधिकांश केंद्र बनकर तैयार हो चुके हैं.
दाल-चावल और रोटी-सब्जी का मिलेगा विकल्प
सरकारी अधिकारी के अनुसार अटल कैंटीन में सुबह साढ़े 11 से दोपहर ढाई बजे तक और और शाम साढ़े 6 बजे से रात्रि साढ़े 9 बजे तक समय से पांच रुपये में संतुलित भोजन मिलेगा. मेन्यू में दाल-चावल, रोटी-सब्जी और चावल-सब्जी जैसे विकल्प शामिल है. अधिकतर कैंटीन झुग्गी-बस्तियों और औद्योगिक इलाकों के आसपास खोली जा रही हैं, जहां मजदूर और गरीब तबके की आबादी अधिक है. सरकार की कोशिश है कि, कोई भी गरीब-मजदूर पैसों के अभाव में भूखा न सोए.
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Source: IOCL
























