दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर को निर्धारित स्थलों की लिस्ट से हटा दिया है और उसकी जगह तीन नए स्थान इसके लिए निर्धारित किए गए हैं. अब इस पर सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस से यह पूछने के 30 मिनट बाद कि हम जंतर-मंतर कब जा सकते हैं, इसको विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई कर दिया गया.

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आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक दूसरे पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, ''क्यों न माउंट एवरेस्ट को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह घोषित कर दिया जाए?'' सीजेपी नेता ने ये भी कहा, ''अब पूरे देश में हर शहर और हर कोना जंतर मंतर बनेगा. हम पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते. आप पूरे सिस्टम को मजा बना चुके हैं. पीएम नरेंद्र मोदी पूरी तरह से डर चुके हैं. हम जंतर-मंतर पर ही प्रोटेस्ट करेंगे.''

गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद जंतर-मंतर प्रोटेस्ट साइट से हटा

गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थान तय किए गए हैं. जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में दी गई अधिसूचना रद्द कर दी गई है. यानी जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं है.

प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित

अब दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं. इसमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल है. इन तीनों स्थानों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) अलग से जारी की जाएगी. यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पिछले स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के तौर पर जारी किया गया है.

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार (12 अक्टूबर) को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तारीख मांगने के लिए संसद मार्ग थाने पहुंचे थे. इस दौरान सीजेपी नेताओं ने कहा था कि अगर पुलिस ने तारीख नहीं दी तो वे प्रदर्शन के लिए फिर से आह्वान करेंगे.

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