ई20 ईंधन के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने के लिए प्रस्तावित मार्च से पहले आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा बयान दिया है.

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अरविंद ने  पीएम आवास  जाने से पहले कहा-ट्रंप के दबाव में देश के लोगों पर इथेनॉल थोप रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि वे नहीं रुकेंगे. दो लाख कॉपियां लेकर प्रधानमंत्री के पास जाएंगे. देखते हैं,  कहां रोकते हैं,मुझे उम्मीद है कि वे नहीं रोकेंगे.

अरविंद केजरीवाल के मार्च से पहले सुरक्षा सख्त, RAF के जवान तैनात

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इसी मामले पर आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लाखों लोगों ने चिट्ठी लिखी थी, हम प्रधानमंत्री को देना चाहते हैं. केवल 100 लोग प्रधानमंत्री से मिलने जाएंगे, उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिलेंगे. साधारण लोग प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे हैं, इसके लिए सुरक्षा की जरूरत नहीं है.

बता दें  केजरीवाल ने घोषणा की है कि ई-20 पेट्रोल नीति के विरोध में मंगलवार को वह पार्टी के 100 कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे. उनका कहना है कि इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम तैयार की गई ऑनलाइन याचिका और जनता के पत्र उन्हें सौंपने का प्रयास किया जाएगा. 

क्या है अरविंद केजरीवाल का प्लान?

केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री उनसे मुलाकात करेंगे और इस मुद्दे पर लोगों की चिंताओं को सुनेंगे. अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि ई-20 पेट्रोल के खिलाफ शुरू किए गए ऑनलाइन अभियान को कुछ ही दिनों में 2,33,238 लोगों का समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि इतने लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं, जो इस नीति को लेकर जनता की चिंता को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि वह मंगलवार दोपहर 12 बजे आम आदमी पार्टी मुख्यालय से प्रधानमंत्री आवास के लिए रवाना होंगे. 

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा था, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला.उन्होंने कहा कि अब वह स्वयं प्रधानमंत्री आवास जाकर लोगों की ओर से तैयार की गई याचिका और पत्र सौंपने का प्रयास करेंगे तथा इस विषय पर चर्चा करना चाहेंगे. केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ई-20 नीति पर कई सवाल उठाए. उनका आरोप था कि सरकार बिना पर्याप्त वैज्ञानिक और तकनीकी जवाब दिए देशभर में ई-20 पेट्रोल को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि इस ईंधन के उपयोग से लोगों की गाड़ियों की माइलेज प्रभावित हो रही है और कई वाहन मालिकों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.