Delhi New Scrap Policy: पुरानी गाड़ी को हटा नई कार लेने का मसौदा तैयार, दिल्ली सरकार की ओर से टैक्स ब्रेक देने का प्रस्ताव
Arvind Kejriwal News: दिल्ली सरकार द्वारा तैयार मसौदा राजधानी में नई कार खरीदने वाले लोगों के लिए एक राहत की खबर है. इस पर अमल से 50 हजार रुपये टैक्स छूट का रास्ता साफ हो जाएगा.

Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर समस्या से पार पाने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक पब्लिक फ्रेंडली मसौदा तैयार किया है. इस मसौदे के तहत पुराने वाहन को कबाड़ करने और नई कार खरीदने पर दिल्ली सरकार वाहन खरीददार को टैक्स में 50 हजार रुपये छूट दे सकती है. दिल्ली सरकार द्वारा इससे संबंधित एक प्रस्ताव जल्द ही जनता से फीडबैक हालिस करने के मकसद से साझा करने की संभावना है. वर्तमान में यह मसौदा वित्त विभाग के पास विचाराधीन है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार द्वारा तैयार मसौदा राजधानी में नई कार खरीदने वाले लोगों के लिए एक राहत की खबर है. दरअसल, सीएम केजरीवाल सरकार ने नई वाहनों की खरीद को लेकर तैया मसौदे में संशोधन किया है. जानकारी के मुताबिक तैयार मसौदे के मुताबिक पुरानी कारों को स्क्रैप करने के बदले नए वाहनों की खरीद करने पर सरकार रोड टैक्स में 50 हजार रुपये की छूट दे सकती है. टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित नीति के तहत नई कारों की खरीद पर तैयार मसौदा वित्त विभाग के पास विचाराधीन है. प्रस्ताव के तहत नई कार खरीदने पर 50 हजार रुपये सब्सिडी पब्लिक फंड से देने की योजना है.
50 हजार टैक्स छूट का प्रस्ताव
इसके पीछे आप सरकार का मकसद दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले पुराने वाहनों की संख्याऔर प्रदूषण को कम करना है. दिल्ली सरकार की नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत वाहन मालिकों को अपनी पुरानी कार या वाहन को स्क्रैप करने पर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट मिलेगा, जो उन्हें नया वाहन खरीदते समय रोड टैक्स में छूट का लाभ उठाने की इजाजत देगा. यह छूट केवल उसी श्रेणी के वाहन के लिए दी जाएगी, जिसे स्क्रैप किया गया था.
55 लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द
बता दें कि दिल्ली सरकार ने नई स्क्रैप नीति राजधानी की सड़कों पर समय पूरा होने के बाद भी भारी संख्या में चल रहे वाहनों को सड़क से हटाने के लिहाज से उठाया है. ताजा नियमों के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2021-22 और 2022-23 के बीच दिल्ली में लगभग 55 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द किया गया था. इनमें से सिर्फ 1.4 लाख वाहन ही स्क्रैप हो पाये हैं. 6.3 लाख वाहनों के मालिक एनसीआर के बाहर अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने में सफल रहे हैं.
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