आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के विरोध में जनता के पत्रों के साथ मंगलवार (3 अगस्त) को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे. उन्होंने कहा कि वह दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ 'आप' मुख्यालय से पीएम आवास के लिए निकलेंगे. हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिलेंगे और हमारी बात सुनेंगे. उन्होंने बताया कि मात्र कुछ दिनों में ही ई-20 के खिलाफ 2,33,238 लोगों ने ऑनलाइन प्रधानमंत्री के नाम याचिका साइन की है.

Continues below advertisement

केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने पीएम से मिलने के लिए एक माह पहले समय भी मांगा था, लेकिन अब तक उनका जवाब नहीं मिला है. उन्होंने पीएम से पूछा कि क्या ट्रम्प के दबाव में जबरदस्ती देश पर इथेनॉल थोपा रहा है और अगले 5 साल में 20 बिलियम डॉलर का इथेनॉल खरीदेंगे. 

यह भी पढ़ें: बांकीपुर रिजल्ट: PK की जीत पर अरविंद केजरीवाल बोले, 'BJP की...'

Continues below advertisement

सोमवार को प्रेसवार्ता में दी जानकारी 

सोमवार को 'आप' मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एथेनॉल को लेकर देश की जनता बहुत ज्यादा परेशान है और केंद्र की मोदी सरकार जबरदस्ती लोगों पर एथेनॉल थोपे जा रही है. लोगों की माइलेज कम हो रही है और लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं. इसके बावजूद बिना प्रश्नों के जवाब दिए और बिना कोई तर्क दिए सरकार इसे जबरदस्ती थोप रही है. इससे यह लगता है कि सरकार का कोई न कोई हिडन एजेंडा है. 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक आरोप यह लगाया जा रहा है कि ट्रंप के दबाव में मोदी जी झुके हुए हैं. ट्रंप अपने देश का एथेनॉल जबरदस्ती भारत में आयात करवाना चाहते हैं. एक अनुमान के हिसाब से अगले 5 साल में मोदी जी 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल ट्रंप से खरीदेंगे, जो हमारे देश के ऊपर थोपा जाएगा. मोदी जी हमारे देश के लोगों की गाड़ियां खराब करना चाहते हैं.

7 लाख लोगों ने टाउन हाल देखा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि शनिवार को हमने ई-20 के खिलाफ टाउन हॉल किया था, वह बेहद सफल रहा. हॉल के अंदर और बाहर बहुत सारे लोग थे और लगभग 7 लाख लोग कार्यक्रम को लाइव देख रहे थे. मुझे लगता है कि यह दुनिया का रिकॉर्ड है कि कोई भी लाइव कार्यक्रम 7 लाख लोग ऑनलाइन देख रहे हों. यह दिखाता है कि लोग ई-20 से कितने ज्यादा परेशान हैं और किस तरह से टॉउनहॉल के सपोर्ट में आए हैं. फिर भी लोगों को बुरी तरह से डराया-धमकाया जा रहा है. अगर कोई इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर, पीड़ित व्यक्ति ई-20 के खिलाफ आवाज उठाए, तो उसे ट्रोल करके और उस पर एफआईआर दर्ज कर डराया-धमकाया जाता है। इस वजह से लोग बहुत डरे हुए हैं.

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले हमने प्रधानमंत्री के नाम ऑनलाइन पिटीशन साइन करवाई थी. मात्र कुछ दिनों के अंदर 2,33,238 लोगों ने यह पिटीशन साइन की है. मंगलवार को मैं प्रधानमंत्री को यह पिटीशन सौंपने के लिए 100 लोगों के साथ दोपहर 12 बजे आम आदमी पार्टी के कार्यालय से उनके घर की तरफ निकलूंगा. हम चाहते हैं कि व्यक्तिगत तौर पर उनको ये पिटीशन सौंप कर आएं और उनसे चर्चा करें कि कैसे एथेनॉल गलत है और लोग किस तरह से परेशान हैं. मैंने लगभग एक महीना पहले चिट्ठी लिखकर भी उनसे समय मांगा था, लेकिन उस पर उनका कोई जवाब नहीं आया. इसलिए अब मंगलवार को हम इसे व्यक्तिगत लेकर जाएंगे और हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिलकर हमारी बात सुनेंगे.

यह भी पढ़ें:'पीएम से पूछना चाहता हूं कि...', पप्पू यादव के मामले पर अरविंद केजरीवाल का सवाल