सत्य निकेतन से ट्रॉमा सेंटर तक... कौन किस हालत में पहुंचा! अभी कैसी है तबीयत? AIIMS ने सब बताया
AIIMS के एक बयान में कहा गया कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (AIIMS) में 8 मरीज लाए गए.

राजधानी दिल्ली स्थित सत्य निकेतन में ढही इमारत में रेस्क्यू किए गए लोगों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया. अब एम्स ने इस संदर्भ में एक बयान जारी किया है.
AIIMS दिल्ली ने एक बुलेटिन में कहा कि सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से घायल हुए 10 मरीजों को JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (AIIMS) लाया गया. इन 10 मरीजों में से 4 को मृत अवस्था में लाया गया, एक को गंभीर हालत में लाया गया था जिसका इलाज के दौरान निधन हो गया.
एम्स ने कहा कि तीन मरीजों को भर्ती करके उनका इलाज किया जा रहा है. एक मरीज के अंग की सर्जरी हुई. एक मरीज को मामूली चोट आई थी और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई.
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बता दें अब तक कुल 12 लोगों का रेस्क्यु हुआ है जिसमें से चार की मौत हो गई है. चार मृतकों में एक छात्र की पहचान युवराज के तौर पर हुई है. वहीं एक अन्य शख्स मजदूर है. मृतकों में दो की शिनाख्त अभी बाकी है.
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
बता दें हादसे के बाद से ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है. एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं. आधुनिक कैमरों और उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है. फंसे हुए लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए सिलेंडर अंदर भेजे गए हैं.दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं घटनास्थल दौरा किया.
उनके साथ मंत्री कपिल मिश्रा, स्थानीय विधायक और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी थे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए.इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी दिल्ली की मुख्यमंत्री से बात कर हालात का जायजा लिया था और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया था. उन्होंने एम्स नई दिल्ली और केंद्र सरकार के अस्पतालों को घायलों के इलाज के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं.






















