दिल्ली के नांगलोई इलाके में महिला के साथ गैंग रेप की वारदात ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छेड़ दी है. इस दर्दनाक वारदात के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) दिल्ली ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर भारी प्रदर्शन किया.
ABVP के इस प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल हुए. कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर, बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे जिन पर लिखा था 'दोषियों को फांसी दो', 'महिलाएं असुरक्षित हैं' और 'पुलिस कहां सो रही है' जैसे नारे लिखे थे. प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की और दिल्ली पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में महिला अपराधों पर लगाम लगाने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है.
कार्यकर्ताओं ने कहा कि अपराधी अब बेखौफ होकर घूम रहे हैं क्योंकि उनमें पुलिस का भय खत्म हो चुका है. प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गर्म रहा और कार्यकर्ता बार-बार फांसी की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे.
ABVP दिल्ली प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने प्रदर्शन स्थल पर कहा, “दिल्ली में महिला दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. निर्भया कांड को 14 साल बीत चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपराधियों के मन से कानून का भय पूरी तरह खत्म हो चुका है. अपराधी बेखौफ होकर महिलाओं पर हमला कर रहे हैं.”
शर्मा ने आगे कहा, “हमारी मांग है कि नांगलोई सामूहिक बलात्कार के इस मामले को तेज गति न्यायालय में चलाया जाए और दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए. साथ ही इस घटना की निष्पक्ष और पूरी जांच हो. यदि इसमें कोई अन्य लोग भी शामिल हैं तो उनकी भी पहचान करके कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए. ”
उन्होंने दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन से अपील की कि राजधानी के सभी सुनसान इलाकों, खासकर नांगलोई जैसे क्षेत्रों की पहचान की जाए और वहां पुलिस की गश्त को बढ़ाया जाए. शर्मा ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. हमें प्रभावी और स्थायी कदम चाहिए, न कि बस कागजी कार्रवाई. ”
ABVP कार्यकर्ताओं ने मांग की कि दिल्ली पुलिस को महिला सुरक्षा को लेकर अपनी रणनीति बदलनी होगी. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राजधानी में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं न सिर्फ चिंताजनक हैं बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मनाक भी हैं.
