JNU में मारपीट पर ABVP नेताओं का दावा- कुछ कार्यकर्ता महिला वाशरूम में छिपने को मजबूर हुए
JNU में मारपीट के संदर्भ में ABVP का आरोप है कि उनके अन्य कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और महिला कार्यकर्ताओं को धमकियां दी गईं.

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 22 फरवरी की रात हुई मारपीट के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी. ABVP नेताओं ने कहा कि कल रात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. उनका आरोप है कि कुछ समय पहले लाइब्रेरी में फेसियल रिकग्निशन सिस्टम लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसका लेफ्ट संगठनों ने विरोध किया और उसे तोड़ दिया.
ABVP का कहना है कि यह विवाद साल 2023 से चला आ रहा है और पिछले एक सप्ताह से परिसर का माहौल तनावपूर्ण है. आरोप लगाया गया कि जो छात्र विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होते, उनके साथ जबरदस्ती की जाती है.
कुछ छात्रों को ‘ट्रिपल एक्स’ रूम में बंद कर दिया- एबीवीपी
ABVP नेताओं के अनुसार, विरोध के दौरान नकाबपोश भीड़ स्कूल एरिया में पहुंची, अलग-अलग कमरों में जाकर पढ़ाई कर रहे छात्रों को धमकाया गया और विरोध न मानने पर उनके साथ मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि जब ABVP कार्यकर्ता बातचीत के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई. आरोप है कि कुछ छात्रों को ‘ट्रिपल एक्स’ रूम में बंद कर दिया गया, जिन्हें छुड़ाने की कोशिश की गई.
ABVP ने यह भी दावा किया कि उनके कुछ कार्यकर्ता महिला वाशरूम में छिपने को मजबूर हुए. जब पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी बाथरूम में छिपे रहे और दरवाजा तोड़ने की कोशिश की गई. एक छात्र प्रतीक ने विभिन्न समूहों में पुलिस से मदद की अपील करते हुए अपनी जान बचाने की गुहार लगाई. ABVP का आरोप है कि उनके अन्य कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और महिला कार्यकर्ताओं को धमकियां दी गईं.
वहीं भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने जेएनयू में फिर से हिंसा पर लेफ्ट और एबीवीपी के बीच लड़ाई को लेकर कहा, 'देखिए, वहां पर जो वामपंथी छात्र संगठन हैं, वो गुंडागर्दी पर उतर आए हैं. वो सिर्फ नारे नहीं लगाते, बल्कि मारपीट भी करते हैं. उन्होंने एबीवीपी के लोगों पर हमला करने का काम किया.'
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Source: IOCL























