अम्बिकापुर शहर की कोतवाली पुलिस ने एक Blind Murder का खुलासा किया है. 21 महीने पहले शहर के बंधियाचुंआ पहाड़ में मिले शव की पहचान के बाद पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि, इस हत्याकांड में सहयोगी रहा एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है. हत्या रुपयों के लेनदेन को लेकर हुई थी. पुलिस ने मुख्य आरोपी को झारखंड की राजधानी रांची से गिरफ्तार कर लिया है. पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम कांबले ने किया है.
नहीं हो पा रही थी मृतक की पहचान 6 फरवरी 2020 को अम्बिकापुर से लगे महामाया पहाड़ के पीछे स्थित बंधियाचुंआ पहाड़ में एक अज्ञात शव मिला था. करीब 25-30 साल के युवक का सिर पत्थर से इस कदर कुचला गया था कि मृतक की पहचान नहीं हो पा रही थी. जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने हत्या के इस मामले मे अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया था और उसके बाद पुलिस के सामने पहली चुनौती शव की पहचान करना था. जिसको लेकर कोतवाली पुलिस टीम जिले के साथ ही समूचे प्रदेश और पड़ोसी राज्य में शव की पहचान के लिए घूमती रही.
हांलाकि, इसके बाद गढ़वा के रहने वाले एक परिवार के लोगों ने उसकी पहचान अपने घर के सदस्य अजाद अंसारी के रूप में की, जो झारखंड के पलामू जिले रामगढ़ बेडमा थाना क्षेत्र के बभडीह गांव का रहने वाला था. हांलाकि, शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने मृतक के डीएनए टेस्ट के लिए भी सैंपल भेजा था. लिहाजा, परिवार वालों की पहचान के बाद मृतक के भाई का भी डीएनए सैंपल भेजकर मिलान किया. जिसके बाद ये पूरी तरह से साबित हो गया कि मृतक आजाद अंसारी ही था.
मृतक की पहचान वाली चुनौती से निपटने के बाद अम्बिकापुर की कोतवाली पुलिस को अब आरोपियों तक पहुंचना था. जिसके लिए पुलिस ने मृतक अजाद के परिवार वालों से पूछताछ की तो पता चला कि मृतक अपने अन्य साथियो के साथ अम्बिकापुर में ही किसी ठेकेदार के अंडर में मजदूरी का काम करता था. जिसके बाद पुलिस को मृतक के साथियों पर हत्या करने का संदेह हुआ और पुलिस ने उनकी तलाश में मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की सूचना पर बिहार, झारखंड और हैदराबाद के कई इलाकों में 3 से 4 बार दबिश दी. आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और हत्या के आरोप में मृतक के साथी 29 वर्षीय इमामुद्दीन अंसारी को झारखंड के रांची स्थित करबला चौक के पास से हिरासत में लिया. पकड़ा गया आरोपी झारखंड गढ़वा जिले के रमकंडा थाना स्थित सिसवा गांव का रहने वाला है.
कोतवाली पुलिस की हिरासत में आने के बाद आरोपी ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया. अपने कबूलनामे में आरोपी इमामुद्दीन ने बताया कि उसने और उसके एक साथी ने अजाद अंसारी की हत्या करने की साजिश रची. पहले मृतक के साथ बंधियाचुंआ पहाड़ पर शराब पी, उसके बाद शराब पिलाकर अजाद अंसारी पर दोनों ने मिलकर पत्थर से कई वार किए और शव की पहचान ना हो सके इसलिए उसके चेहरे पर इतने वार किए कि कोई उसकी पहचान ना कर सके और वो पुलिस गिरफ्त से बाहर रहें.
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