Chhattisgarh News: 'नक्सलवाद से मुक्ति की ओर छत्तीसगढ़', CM विष्णु देव साय का बड़ा दावा
Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'आदि परब' समापन समारोह में कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर जनजातीय समाज में खुशहाली लाएगा. सरकार जनजातीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया है कि राज्य नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा. CM साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी TRTI परिसर में आयोजित दो दिवसीय आदि परब के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही.
बस्तर 40 साल बाद विकास की राह पर - CM साय
CM विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाबी मिल रही है. उन्होंने कहा कि बस्तर पिछले करीब 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सलवाद के प्रभाव में था लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं.
आदि परब - परंपरा से पहचान तक
CM साय ने बताया कि आदि परब का विषय परंपरा से पहचान तक रखा गया था. यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया. इसमें छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया. प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है.
आदि परब चित्रकला और परिधान को मिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
CM साय ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी. आदि परब चित्रकला और परिधान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पुरस्कार मिलने पर भी उन्होंने शुभकामनाएं दीं. यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला और संस्कृति की अंतरराष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है.
TRTI परिसर में 5 करोड़ के 100 सीट छात्रावास का लोकार्पण
इस अवसर पर CM साय ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से TRTI परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटों की क्षमता वाले छात्रावास का लोकार्पण भी किया. यह छात्रावास जनजातीय युवाओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा.
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Source: IOCL


























