Congress National President Result: मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) को कांग्रेस पार्टी की कमान मिल गई. अध्यक्ष पद के रेस में खड़गे के सामने शशि थरूर (Shashi Tharoor) थे. इस बीच छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली पहुंच गए. उन्होंने नए नेतृत्व को बधाई दी है और कहा कि उनके अनुभवों का लाभ पार्टी को मिलेगा.

खड़गे बने कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

मतगणना के एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला को दिल्ली बुलाया गया. जीत की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के नेताओं ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे को बधाई दी.

इस दौरान पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने कहा कि कहा नए अध्यक्ष खड़गे के अनुभवों का लाभ पार्टी को मिलेगा. हालांकि ये पहले से ही ये तय हो गया था कि खड़गे ही जीतने वाले है. क्योंकि छत्तीसगढ़ के 300 से ज्यादा डेलीगेट्स का एकतरफा वोट खड़गे के पक्ष में गया था.

छत्तीसगढ़ में शशि थरूर को पोलिंग एजेंट तक नहीं मिला था. मतदान के दिन आनन फानन में विनय कुमार पावले और हरिप्रसाद कुशवाहा को उनका एजेंट बनाया गया था लेकिन ये तो केवल प्रक्रिया था बाकी वोट तो खड़गे के पक्ष में पड़ना था. वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए सप्ताह भर पहले से 4 एजेंट का नाम आ गया था. इसमें अर्जुन तिवारी, अरुण सिंघानिया, अरुण सिसोदिया और सुमित्रा धृतलहरे का नाम शामिल हैं.

खड़गे को कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भरपूर समर्थन मिला 

खड़गे के जीत पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ये साबित कर दिया कि लोकतंत्र की जड़ें कहीं मजबूत है तो कांग्रेस पार्टी में मजबूत है. खड़गे को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भरपूर समर्थन दिया. अधिसंख्यक डेलीगेट्स ने खड़गे के समर्थन में वोट किया था. उनके नेतृत्व में कांग्रेस और ज्यादा मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव जीतेगी. 

खड़गे के पक्ष में पड़े 87 फीसदी वोट

17 अक्टूबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए थरूर और खड़गे के लिए मतदान हुआ था. इसमें देशभर में लगभग 9 हजार वोट पड़े थे और 19 अक्टूबर की मतगणना में मल्लिकार्जुन खड़गे को बड़ी जीत मिली. एआईसीसी दफ्तर में वोट की गिनती के लिए 100-100 के बंडल बनाए गए थे और 5 टेबल में वोटों की गिनती हुई. इसके बाद गिनती पूरी होने से पहले ही खड़गे की जीत तय हो गई थी क्योंकि खड़गे के पक्ष में लगभग 87 फीसदी वोट पड़ गए थे.

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