'हम शिव के पास जा रहे हैं', 2 साल पहले बेटे की सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत, सदमे में मां-बाप ने लगाई फांसी
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चम्पा जिले में एक लड़के की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद उसके माता-पिता ने एक सोसाइड नोट और वीडियो बनाकर आत्महत्या कर ली.

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चम्पा जिले के तार्थे में एक घर के सामने खड़े नीम के पेड़ पर दो शव फांसी पर लटके पाए गए. उस घर में रहने वाले कृष्णा पटेल और उनकी पत्नी रमा बाई ने आत्महत्या कर ली. घटना के बारे में सुबह होने पर पड़ोसियों को पता चला, जिसके बाद यह खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गई.
इस घटना की पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस के आगे की जांच में पता चला कि कृष्णा पटेल और उनकी पत्नी रमा बाई दोनों ने आत्महत्या से पहले 4 पन्नों का एक सुसाइड नोट और एक वीडियो छोड़ा था.
इस वजह से दंपति ने किया सुसाइड
सुसाइड नोट और एक वीडियो को जब्त कर जांच करने पर आत्महत्या का कारण पता चला. यानी इस दंपति का इकलौता 21 साल का बेटा आदित्य पटेल, पिछले साल 2024 में मस्तुरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में मारा गया था. कृष्णा, जो एक राजमिस्त्री के रूप में काम करते थे और गृहिणी रमा बाई के लिए उनका बेटा आदित्य ही दुनिया था.
ऐसी स्थिति में दंपति बेटे की मौत का दुख सहन नहीं कर पा रहे थे. उस सुसाइड नोट में कहा गया था कि हमारे जीवन की नींव, हमारी दुनिया एक आज्ञाकारी बेटा और एक दोस्त आदित्य ही था, लेकिन उस दुर्घटना के बाद हमारा घर जो हंसी से भरा था, शांत हो गया है.
बेटे के दुख में माता-पिता ने जान दी
घटना वाले दिन आदित्य मंदिर के काम और यज्ञ पूजा से संबंधित काम के लिए उस गांव के एक पुजारी के साथ गया था. शुरुआत में मेरा बेटा उस काम पर जाने में हिचकिचा रहा था, लेकिन मैंने ही उसे यह कहकर भेजा कि यह भगवान का काम है. यह एक बहुत बड़ी गलती थी. यही कारण है कि आदित्य हमें छोड़कर चला गया. लंबे दुख के बाद मेरा मन अब शांत हो गया है. भगवान के साथ जुड़ना ही मेरी नियति है.
हम दोनों भावनात्मक रूप से और स्वेच्छा से खुद को भगवान शिव को समर्पित करते हैं. इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है. कृपया हमें खुशी से विदा करें. हमारे लिए शोक न करें. हम इस दुनिया को पूरी शांति, अनिच्छा और खुशी के साथ छोड़ रहे हैं. गांव के लोगों ने कहा कि पिछले एक साल से दंपति ने उनसे ज्यादा बात नहीं की. उनके चेहरे पर मुस्कान देखना दुर्लभ था. उन्होंने कहा कि अब यह दुखद अंत चौंकाने वाला है.
(आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. यदि आप तनावग्रस्त हैं या आत्महत्या करने का विचार आ रहा है, तो परामर्श के लिए संपर्क करने के लिए नंबर: स्नेहा आत्महत्या रोकथाम सहायता केंद्र - 044 -24640050, राज्य आत्महत्या रोकथाम सहायता केंद्र - 104, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का हेल्पलाइन – 1800 599 0019)
Source: IOCL


























