छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार (26 जुलाई) को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. अब तक 4 माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं. मौके से INSAS और SLR राइफल सहित बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं. जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया.
इस ऑपरेशन के दौरान शनिवार (26 जुलाई) की शाम से ही सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है. घटना स्थल से हथियारों के अलावा विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद हुई हैं. डीआरजी, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के जवानों के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान ये कार्रवाई हुई है. एसपी जितेंद्र यादव ने इस बारे में पुष्टि की है.
सर्चिंग अभियान पर जंगल के लिए निकले थे जवान
जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों के जवान रुटीन सर्चिंग अभियान पर जंगल के लिए निकले थे. इसी दौरान खबर मिली कि घने जंगलों के बीच कुछ नक्सलियों की मौजूदगी है. इस बात की सूचना की पुष्टि होने के बाद डीआरजी की टीम उस इलाके के लिए तुरंत रवाना हो गई. जवानों की टीम जैसे ही जंगल के दक्षिण पश्चिम हिस्से में पहुंची नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरु कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए करारा जवाब दिया और कई नक्सलियों को मार गिराया.
नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि चूंकि नक्सलियों के खिलाफ अभियान अभी भी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के स्थान, अभियान में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय शेयर नहीं की जा सकती है.
अप्रैल में बीजापुर में मारे गए थे 3 नक्सली
इससे पहले अप्रैल में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए थे. इन तीनों की पहचान भी की गई थी. इनमें एक महिला नक्सली भी शामिल थी. शिनाख्त किए गए माओवादियों में पांच लाख रुपये के इनामी माटवाड़ा एलओएस कमांडर एसीएम अनिल पूनेम के अलावा, एक-एक लाख रुपये के इनामी नक्सली पालो पोड़ियाम और दीवान मड़कम शामिल था.