Chhattishgarh Rainfall: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बारिश ने कहर बरपा रखा है. ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का पानी लबालब भर गया है. 30 से अधिक गांव टापू में तब्दील हो गए हैं. बीजापुर और सुकमा जिले में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है. जगदलपुर में भी भारी बारिश से त्राहिमाम मचा है. घरों में पानी घुसने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. एक दर्जन से ज्यादा वार्ड प्रभावित हुए हैं. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए बस्तर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

जिला प्रशासन ने बाढ़ आपदा प्रबंधन और एसडीआरएफ की टीम को सतर्क कर दिया है. जगदलपुर से लगे गणपति रिजॉर्ट के ग्रामीणों को राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं. केंद्रीय जल विभाग का कहना है कि अब तक पड़ोसी राज्य उड़ीसा से इंद्रावती नदी में कोलाब डैम का पानी नहीं छोड़ा गया है. डैम का गेट खोलने से जगदलपुर में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. हर घंटे लगातार इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है.

बस्तर संभाग में आफत की बारिश

जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बस्तर कलेक्टर ने प्रशासन की टीम को पूरी अलर्ट कर दिया है. जगदलपुर को बीजापुर से जोड़ने वाली नेशनल हाईवे-63 में जांगला के पास नाला लबालब भर गया है. भोपालपटनम और मद्देड़ इलाके में कई सड़कों के जलमग्न होने से आवागमन बाधित हो गया है. सुकमा जिले में भी आधा दर्जन से अधिक नाले उफान पर हैं. कोंटा क्षेत्र की निचली बस्तियों में भी लगातार पानी भरता जा रहा है. हालांकि बस्तर संभाग के अन्य जिले दंतेवाड़ा, कांकेर और कोंडागांव में सामान्य से 28 ,40 और 29 फीसद कम बारिश हुई है.

तीन जिले हुए बुरी तरह प्रभावित

सबसे ज्यादा बीजापुर जिले में 611 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने 24 घंटों के दौरान सुकमा, बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव और नारायणपुर में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है. बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम ने शुक्रवार को अलग-अलग जगहों पर जाकर जल भराव की स्थिति का जायजा लिया. कलेक्टर के साथ नगर निगम अधिकारी भी शामिल रहे. उन्होंने कहा कि निचली बस्तियों में पानी घुसने की जानकारी मिली है. प्रशासन की टीम पानी को निकालने की व्यवस्था में जुटी है.

एसडीआरएफ की टीम अलर्ट 

कलेक्टर ने कहा कि भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए इंद्रावती नदी तट से लगे इलाकों में लोगों को हटाने का काम किया जा रहा है. डुबान क्षेत्र में बाढ़ आपदा प्रबंधन और एसडीआरएफ की टीम को अलर्ट कर दिया गया है. 24 घंटे टीम स्थिति पर नजर बनाये हुई है. राहत शिविरों में भी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है. फिलहाल इंद्रावती नदी में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए अलर्ट जारी किए गए हैं. अब तक उड़ीसा के कोलाब डैम का गेट खोलने की जानकारी नहीं मिली है.

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