Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बस्तर में पिछले कुछ दिनों से शीतलहर चलने के साथ ही लगातार लोग मौसमी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. बड़ी संख्या में जिला अस्पताल व निजी अस्पतालों में इन दिनों मरीज बुखार और सिर्फ खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. इधर बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए जो दवा उपलब्ध होना चाहिए वह बेहद कम मात्रा में बचे हैं, खासकर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल डिमरापाल में लंबे समय से जरूरी दवाइयों की कमी बनी हुई है, लेकिन इसकी पूर्ति करने के लिए स्वास्थ विभाग गंभीर होता दिखाई नहीं दे रहा है.
इसके साथ ही शहर के मेडिकल दुकानों में भी बुखार और ठंड से होने वाली अन्य बीमारी से बचने के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध नहीं है. मेडिकल स्टोर्स के संचालकों का कहना है कि इन दवाइयों की सप्लाई नहीं होने की वजह से इनकी कमी बनी हुई है, हालांकि अभी कुछ दिनों तक के लिए दवा का स्टॉक उपलब्ध है लेकिन अगर सप्लाई सही समय पर नहीं की जाती है तो लोगों की परेशानी बढ़ सकती है.
अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स में दवाइयों की कमी
दरअसल बस्तर के मौसम में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, साथ ही पिछले कुछ दिनों से शीतलहर की चपेट में आने से लोग मौसमी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. शहर के अस्पतालों में आए दिन मरीज मौसमी बीमारी की शिकायत को लेकर पहुंच गए हैं, बावजूद इसके प्रशासन के द्वारा पर्याप्त दवा की व्यवस्था नहीं की गई है, खासकर अस्पतालों में लंबे समय से जरुरी दवाइयों की कमी बनी हुई है, बावजूद इसके प्रशासन दवाई की उपलब्धता कराने में कोई रुचि नहीं ले रहा है, लिहाजा जिले के दोनों ही सरकारी अस्पताल और उप स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की कमी बनी हुई है.
इन दवाइयों की बनी हुई है कमी
इधर मेडिकल स्टोर्स के संचालकों का भी कहना है कि सप्लाई नहीं होने की वजह से दवाइयों की कमी बनी हुई है, हालांकि कुछ दिनों के लिए पर्याप्त दवाई तो उपलब्ध है लेकिन अगर सही समय पर सप्लाई नहीं होता है तो खासकर मौसमी बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों के लिए दवाई की कमी हो सकती है. यह हाल पूरे जिले भर के मेडिकल स्टोर्स और सरकारी अस्पतालों का है. बस्तर जिले में एंटीबायटिक, एलबोलीन, एंटीएलर्जिक एनॉलजेसिक, एंटीडायबटिक पलमोंनरिक व अस्थमा से जुड़ी दवाइयों की कमी बनी हुई है
ये भी पढ़ें-
PM मोदी को आखिर क्यों रद्द करनी पड़ी पंजाब में रैली? जानिए सुरक्षा चूक की पूरी कहानी
