बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में शनिवार (28 फरवरी) को एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया, जब बगहा–पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस नरकटियागंज–बेतिया रेलखंड पर अचानक टूटी हुई पटरी से गुजरने लगी. यह घटना कुमारबाग रेलवे स्टेशन के आगे की है. ट्रेन जैसे ही कुमारबाग से बेतिया की ओर रवाना हुई, कुछ ही दूरी पर एक से दो कोच के गुजरते ही लोको पायलट को अचानक तेज झटका महसूस हुआ. ड्राइवर ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझते हुए बिना देर किए ट्रेन को रोक दिया.

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टूटी हुई रेल पटरी से गुजरने वाली थी ट्रेन

ट्रेन रुकने के बाद लोको पायलट और रेल कर्मियों ने नीचे उतरकर ट्रैक की जांच की. जांच में पाया गया कि रेल पटरी टूटी हुई थी और उसी हिस्से से ट्रेन गुजर रही थी. अगर समय रहते ट्रेन को नहीं रोका जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था और सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती थी.

घटना के बाद ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर खड़ी रही. इस दौरान यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई यात्री कोच से नीचे उतर आए और स्थिति की जानकारी लेने लगे. सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और पीडब्ल्यूआई (Permanent Way Inspector) स्टाफ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे. टीम ने क्षतिग्रस्त ट्रैक का निरीक्षण किया और मरम्मत कार्य शुरू कराया. कड़ी मशक्कत के बाद टूटी पटरी को दुरुस्त किया गया.

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झटके को नजरअंदाज करने पर गंभीर हो सकता था परिणाम 

मरम्मत पूरी होने के बाद ट्रेन को सावधानीपूर्वक आगे के लिए रवाना किया गया. ट्रेन के गार्ड ने बताया कि यदि लोको पायलट झटके को नजरअंदाज कर देते, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे. फिलहाल रेलवे प्रशासन ने ट्रैक को ठीक कर दिया है, लेकिन जिस तरह से पटरी टूटी मिली, उसने रेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले की जांच शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.