बिहार में करीब 25 जिले बाढ़ की चपेट में है और आम जनजीवन अस्तव्यस्त है. बाढ़ के कारण सब्जियों के भाव में भी बेतहाशा वृद्धि हो चुकी है. बाजार में सब्जियों की कीमत बढ़ने के कारण लोग खरीदारी में भी कमी आई है. ऐसी कोई भी सब्जी 50 रुपये किलो से नीचे नहीं है अधिकांश सब्जियां 80 से लेकर120 किलो तक बिक रहे हैं. कई सब्जियां तो 200 से लेकर 250 किलो तक भी बिक रही है.

फूलगोभी, बोरा, कंदा 80 से 100 रुपये

पटना के अंटा घाट सब्जी मंडी की बात करें तो यहां खुदरा भाव में तोरई (नेनुआ) 80 रुपये किलो मिल रहा है, तो फूलगोभी 60 से लेकर 100 रुपये पीस, पत्ता गोभी 80 रुपये किलो, भिंडी 60 से 80 किलो, बोरा 80 से100 किलो, टमाटर 80 से 100 रुपये किलो, झिगुणी 80, परवल 80, लौकी 50 से 60 रुपये पीस, अरुई 50 से 60 रुपए किलो, कुन्दरी 50, कंदा 80 से 100 रुपये किलो बिक रहा है.

वहीं बैगन 80, चटैल 200 रुपये किलो, शिमला मिर्च 160 रुपये किलो, फरसबिन 200 किलो, गाजर 100 किलो, हरी मिर्च डेढ़ सौ रुपये किलो, नींबू 10 रुपये पीस, धनिया पत्ती 400 किलो मूली 80 से 100 रुपये किलो, खीरा 80 से 100 रुपये किलो पटना के सभी सब्जी बाजार में मिल रहे हैं.

ग्राहकों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से सब्जियों के भाव में बहुत ज्यादा वृद्धि हो गई है, जो सब्जियां हम लोग 1 किलो खरीदते थे वह एक पाव ले जाते हैं. किसी तरह गुजारा कर रहे हैं. बाजार में आने पर सब्जियों के भाव में चौंका देती हुई है और खरीदने की हिम्मत टूट जाती है. आम लोगों को बड़ी परेशानी हो रही है. वही सब्जी विक्रेता भीभाव बढ़ने से काफी परेशान हैं.

सब्जी विक्रेता का क्या है कहना?

एक सब्जी विक्रेता ने बताया कि मंडी में सब्जी मिलना मुश्किल हो जा रहा है. मंडी में कम सब्जियां आती हैं और खरीदार ज्यादा है इस कारण भाव बढ़ रहा है. उसकी बड़ी वजह है की पटना के उत्तर साइड में दियारा इलाका है, जो पूरी तरह डूब चुका है चाहे सोनपुर का दियारा क्षेत्र हो या राघोपुर क्षेत्र तो दक्षिण साइड में भी कई जगह पर बाढ़ के कारण सब्जियों के फसल नष्ट हो गया है.

सब्जी विक्रेता ने कहा कि हर जगह सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है, जिसकी जमीन ऊंचाई पर है और उसका कुछ बच रहा है, उनकी सब्जियां आ रही हैं तो भाव तेज होना लाजिम है. बहुत सब्जियां बाहर से आ रही हैं, जिसके कारण भाव में ज्यादा बढ़ोतरी हो रही है. 

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