वैशाली के राघोपुर में हुए नाव हादसे के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पीड़ित परिवार से मिलने के लिए बुधवार (14 अक्टूबर, 2026) को दिल्ली से बिहार पहुंचे. पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से कहा कि आज कैबिनेट थी, कैबिनेट को छोड़कर मैं इस सोच के साथ यहां आया हूं कि जो पीड़ित परिवार हैं, दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहकर भविष्य में परिस्थितियों को बेहतर करने की दिशा में हम कार्य करेंगे.

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चिराग पासवान ने कहा, "ये ऐसी हृदय विदारक घटना है जिस पर यकीन नहीं हो रहा है. कल रात से जब से वो तस्वीरें वो दृश्य सामने आए हैं कि किस तरह से छोटे-छोटे बच्चे चले गए. तकलीफ तो किसी के भी जाने से होती है लेकिन जब मृतकों में ऐसे छोटे बच्चों के शव दिखाई देते हैं तो ये तकलीफ और बढ़ जाती है…"

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'जो गए वो वापस नहीं आएंगे लेकिन...'

चिराग ने कहा, "मैं खुद वहां जा रहा हूं. जो लोग गए हैं, वे तो कभी वापस नहीं आएंगे लेकिन कम से कम जो हैं, उनके इलाज में और जो पीड़ित परिवार हैं, उन्हें किस तरह से सहयोग किया जा सकता है, उस दिशा में केंद्र व राज्य सरकारें अपनी भूमिका को तत्परता से निभाएंगी. कल देर रात जब मुझे इस घटना की जानकारी मिली, प्रधानमंत्री के भी संज्ञान में इस विषय को लाया गया. उन्होंने भी इस घटना को लेकर अपना दुख प्रकट किया है."

'जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की गई है. यकीनन ये बहुत बड़ी लापरवाही है और जो भी इसमें दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की लापरवाही से अगर ऐसी घटना घटी है तो यकीनन दोषी अधिकारी के खिलाफ बिहार सरकार और मुख्यमंत्री के संज्ञान में इस घटना को लाकर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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