यूपीआई पेमेंट को लेकर आए नए नियमों के बीच किसी के मन में कन्फ्यूजन है तो कहीं इस पर सियासत हो रही है. नए नियमों पर आरजेडी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक फोन कॉल आने के बाद अमेरिका की बात मान ली. 

Continues below advertisement

दरअसल, यूपीआई को लेकर जारी विवाद के बीच आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, UPI ने Visa और Mastercard के आगे सरेंडर नहीं किया है… बल्कि 56 इंच वाले मोदी जी ने ट्रंप के आगे सरेंडर कर दिया है!"

'तभी आता है आका का कॉल…'

सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लेते हुए यूपीआई का पूरा खेल समझाया है. उनका कहना है, "लोग अब Visa और Mastercard जैसे अमेरिकी कार्ड नेटवर्क का इस्तेमाल लगभग छोड़कर यूपीआई पर आ गए थे. इससे अमेरिकी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ना स्वाभाविक था… तभी आता है आका का कॉल… अब मोदी जी को अमेरिका की बात तो माननी पड़ेगी ना! और फिर मोदी जी नतमस्तक होकर UPI के ₹2,000 से ऊपर के व्यापारी भुगतान पर 0.4% MDR लगाने का रास्ता खोल देते हैं."

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें- प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर क्या बोले नीतीश कुमार? ऐसे दी बधाई

आरजेडी सांसद ने कहा, "...जिस UPI को भारत की डिजिटल ताकत बताया गया, उसी के बड़े लेन-देन पर अब शुल्क की व्यवस्था! वाह मोदी जी, वाह! अमेरिका खुश, ट्रंप खुश… और जनता को मिला 'आशीर्वाद का दीया', यह UPI की हार नहीं है, यह मोदी सरकार की अमेरिकी दबाव के आगे झुकने की कहानी है!"

आरजेडी नेता तेजस्वी याद भी यूपीआई चार्ज को लेकर हमला बोल चुके हैं. तेजस्वी ने सवाल उठाया है कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया का ढोल पीट रहे थे और अब इसी सरकार ने पानी, हवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, हर चीज पर टैक्स लगा दिया है.

यह भी पढ़ें- बिहार बाढ़ के बीच 'आशीर्वाद का दीया', जनसुराज ने पूछा- पानी में दीया जलाएं?