'इनके अभी भी समझ नहीं आ रहा है कि...', कांग्रेस की 'वोट चोर गद्दी छोड़' रैली पर बोले उपेंद्र कुशवाहा
Upendra Kushwaha News: आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस की रैली को लेकर कहा कि हम यह बात बार-बार कह रहे हैं कि वोट चोरी का कोई मामला ही नहीं है.

'वोट चोरी' के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को लेकर RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के लोग फालतू का काम कर रहे हैं. इसके बारे में क्या कहा जा सकता है? हम यह बात बार-बार कह रहे हैं. वोट चोरी का कोई मामला ही नहीं है.
उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, ''उनलोगों को अब भी समझ में नहीं आ रहा है, बिहार के लोगों ने जवाब दे दिया है. बिहार में कांग्रेस के लोग औंधे मुंह गिरे हैं. उसके बाद भी इस विषय को इश्यू बनाए हुए हैं तो उनकी बुद्धि के भगवान ही मालिक हैं.''
Patna, Bihar: On Congress' protest against alleged 'vote chori', RLM National President and MP Upendra Kushwaha says, "The Congress is engaging in unnecessary activities. What can be said about it? We have been pointing this out repeatedly. There is no case of vote theft. Even… pic.twitter.com/ToFtl6PEJ9
— IANS (@ians_india) December 14, 2025
'वोट चोरी' के खिलाफ कांग्रेस की रैली
कांग्रेस लगातार चुनावों में बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगा रही है. राहुल गांधी लगातार इस मसले को उठा रहे हैं. इसी क्रम में 'वोट चोरी' के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए कांग्रेस ने रविवार (14 दिसंबर) को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली का आयोजन किया. इस रैली में पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हैं.
रैली में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, के. सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश और सचिन पायलट शामिल हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी जनसभा को संबोधित करेंगे. इस रैली में कई राज्यों से पार्टी के कार्यकर्ता जुटे हैं.
सम्राट चौधरी के बयान पर क्या बोले उपेंद्र कुशवाहा?
उधर, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की ओर से लालू यादव की प्रॉपर्टी को लेकर दिए गए बयान पर भी उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा, "यह सरकार का बहुत पहले से लिया गया फैसला है. जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तो उन्होंने भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू की थी. तभी से यह तय किया गया था कि ऐसे तरीकों से हासिल की गई किसी भी संपत्ति को सरकार अपने कब्ज़े में ले लेगी और उसका इस्तेमाल स्कूल और अस्पताल खोलने जैसे सार्वजनिक कामों के लिए किया जाएगा."
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Source: IOCL
























