बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी(Bihar CM Samrat Choudhary) की अध्यक्षता में बुधवार (13 मई, 2026) को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य सरकार को 72,901 करोड़ रुपये तक ऋण लेने की अनुमति प्रदान की गई. इसमें 64,141 करोड़ बाजार ऋण शामिल है. यह राशि राज्य में विभिन्न विकास योजनाओं पर खर्च की जाएगी.

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वहीं, राज्य में हरित, आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 'बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026' को मंजूरी दी गई. परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार के अनुसार, नई नीति के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन खरीदने पर प्रति वाहन एक लाख रुपये का अनुदान (सब्सिडी) दिया जाएगा.

दोपहिया खरीदने वाली महिलाओं को 12 हजार प्रोत्साहन राशि

उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राज्य में नए वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है. यह भी कहा कि नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वाली महिलाओं को 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह प्रोत्साहन राशि वर्ष 2026-27 के लिए देय होगी. उन्होंने बताया कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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दूसरी ओर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 10 हजार रुपये और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 12 हजार रुपये प्रति वाहन अनुदान दिया जाएगा. परिवहन विभाग के सचिव ने बताया कि इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन की खरीद पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 50 हजार रुपये और अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 60 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी.

अधिकारी ने बताया कि नई नीति के तहत बिहार में खरीदे और निबंधित सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी.

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