यूजीसी के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट से लगी रोक के बाद एक तरफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है तो दूसरी ओर बयानबाजी भी जारी है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान पर बीजेपी के नेता और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने तीखा पलटवार किया है. गुरुवार (05 फरवरी, 2026) को दिलीप जायसवाल ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कहा, "असदुद्दीन ओवैसी जो बोल रहे हैं ये काम ओवैसी और कांग्रेस का है. ओवैसी साहब और कांग्रेस दोनों एक ही चट्टे-बट्टे हैं." 

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उन्होंने कहा, "इन लोगों का शुरू से यही काम है अकलियत (अल्पसंख्यक) और मुसलमान को डराकर रखना, कि बीजेपी आएगी तुमको खा जाएगी जबकि नरेंद्र मोदी जी का एक ही नारा है 'सबका साथ, सबका विकास', हिंदू-मुस्लिम, सिख-इसाई…"

दिलीप जायसवाल ने आगे कहा, "रोड बनता है तो क्या एक धर्म के लोग चलते हैं? अस्पताल बनता है तो क्या कोई एक धर्म का लोग जाकर इलाज कराता है? गांव में स्कूल बनता है तो क्या एक धर्म के लोग जाते हैं? ओवैसी और कांग्रेस का तो यही काम है. मुसलमानों को डराना और डराकर बीजेपी से अलग रखना. अलग रखकर अपनी दुकान चलाना." 

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देश को आगे बढ़ाने की जरूरत: दिलीप जायसवाल

एक सवाल पर जवाब देते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि आजादी से लेकर आज तक मुसलमानों को बीजेपी से अलग रखकर देश में इनको अलग-थलग करने का प्रयास किया गया जबकि मुसलमान भाइयों को, सिख भाइयों को, और जितने भी हमारे भाई हैं सबको एक साथ लेकर देश को आगे बढ़ाने की जरूरत है.

असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा है?

दरअसल असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है, "यूजीसी का रेगुलेशन निकला कि यूनिवर्सिटी में किसी अकलियत बच्चे या बच्ची से, पिछड़े या दलित के बच्चे-बच्ची से कोई भेदभाव नहीं होगा, तो इसके खिलाफ तूफान खड़ा कर दिया गया. इनके पेट में दर्द होने लगा. सरकार अपने रेगुलेशन को बचा नहीं सकी तो सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया. हम हमारे दलित भाइयों को भी बता रहे हैं कि अगर यही रवैया रहेगा तो फिर एससी-एसटी एक्ट पर भी कभी न कभी ये संघ परिवार के लोग इस पर भी रोक लगा देंगे."