चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में खुलासे से नया सियासी विवाद शुरू हो गया है. विपक्ष के अलग-अलग दलों से प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी बड़ा बयान दिया है.

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तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 27 जून 2025 को बिहार चुनाव से चंद दिन पहले एकपक्षीय दोषपूर्ण SIR शुरू करने पर हमने सबसे पहले देश को आगाह किया था. 15 से अधिक बार सबूतों के साथ SIR प्रक्रिया पर Presentation देकर जनता और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा था. वोट चोरी को उजागर करने के लिए सबसे पहे बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली.

'...ताकि बीजेपी को फायदा पहुंचे'

आरजेडी नेता ने कहा कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार चुनाव आयोग के निर्णयों व नीतियों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई, यहां तक की एक दिन में 4 बार आपत्तियां दर्ज करा इनके निर्णयों को अनधिकृत और अवैध बताया लेकिन बहुमत को दरकिनार करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जबरन मनमानी की ताकि बीजेपी को फायदा पहुंचे.

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बिना किसी का नाम लिए लिखा, "दो शीर्ष लोगों के अनैतिक, अवैधानिक कुकृत्यों एवं निर्देशों की पालना कर लोकतंत्र और संविधान खत्म करने पर आमादा ज्ञानेश कुमार को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उन्हें विश्वास दिलाया गया है उन्हें बचा लिया जाएगा."

तेजस्वी ने कहा कि वे वोट चोरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने EC के संवैधानिक संस्था का मुखिया होने के नाते हर बार तमाम सवैधानिक परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं को तार-तार कर सबको गुमराह किया. 

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उन्होंने कहा, "बिहार चुनाव से पूर्व हमारा डेलीगेशन इनसे मिला, विपक्ष का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मिला, प्रमाण दिए, दोषपूर्ण और द्वेषपूर्ण SIR प्रक्रिया के साक्ष्य दिए, अनेक पत्र लिखे, मृत बताकर काटे गए मतदाताओं को जिंदा सुप्रीम कोर्ट में खड़ा किया. चुनावों में मतदान के दिन तक सरकार द्वारा मतदाताओं को 41 हजार करोड़ की बड़ी धनराशि के वितरण अथवा बीजेपी शासित प्रदेशों के अधिकारियों को ऑब्जर्वर एवं उन राज्यों की पुलिस की चुनावी ड्यूटी और PM समेत बीजेपी नेताओं द्वारा आचार संहिता के सरेआम उल्लंघन पर अनेक बार आपत्तियां दर्ज कराई, लेकिन कभी भी सुनवाई नहीं हुई."

'हमने भी बहुत कुछ संभालकर रखा है'

तेजस्वी यादव के अनुसार, उन्हें तंत्र और यंत्र से चुनाव हराया गया. वे हारे नहीं बल्कि हराया गया. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा और बंगाल इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं. अभी तो ऐसे खुलासों की शुरुआत हुई है. उन्होंने कहा, "हमने भी बहुत कुछ संभाल कर रखा है, इंतजार करते रहिए."

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