राघोपुर सीट से नामांकन के बाद तेजस्वी यादव ने साफ किया कि वो सिर्फ एक ही सीट से चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने साफ कहा कि दो जगह से चुनाव नहीं लड़ेंगे. तेजस्वी ने कहा कि कुछ लोग कह रहे थे कि हम दो जगह से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि राघोपुर की जनता हम पर भरोसा करेगी. हमारा संकल्प है कि कोई ऐसा घर नहीं होगा जिसमें एक सरकारी नौकरी न हो. पलायन और बेरोजगारी को जड़ से खत्म करेंगे. 

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार (15 अक्टूबर) को ये भी कहा कि हम सिर्फ सरकार नहीं, बिहार बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ''राघोपुर की जनता ने हम पर लगातार दो बार भरोसा किया है. जनता मालिक है. अब बिहार भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त राज्य बनना चाहता है.''

तेजस्वी यादव ने जेडीयू को घेरा

नामांकन दाखिल करने के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने जेडीयू और बीजेपी को घेरते हुए कहा, "बिहार की जनता इस बार बदलाव चाहती है और बदलाव तय है. अब नीतीश कुमार जेडीयू को नहीं चला रहे हैं. अब जेडीयू को ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी चला रहे हैं. अब नीतीश कुमार का जनता दल (यूनाइटेड) नहीं रहा. ये तीनों नेता बीजेपी के हाथों बिक गए हैं और इन्होंने नीतीश कुमार को बर्बाद कर दिया है."

नौकरियों को लेकर क्या बोले तेजस्वी यादव?

तेजस्वी यादव ने आगे कहा, ''हम एक ऐसी सरकार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो यह सुनिश्चित करेगी कि लोगों की अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच हो और उनकी शिकायतों का तुरंत निपटारा हो. इंडिया ब्लॉक के एक घटक के रूप में RJD भी बड़े पैमाने पर नौकरियों के सृजन के लिए प्रतिबद्ध है, यही कारण है कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए एक अधिनियम लाने का वादा किया है कि बिहार के हर घर से कम से कम एक सदस्य के पास सरकारी नौकरी हो.''

लालू प्रसाद और राबड़ी देवी भी नामांकन में मौजूद

तेजस्वी यादव ने अपने पिता और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद, मां राबड़ी देवी की उपस्थिति में वैशाली जिले के मुख्यालय हाजीपुर में कलेक्ट्रेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इस दौरान पाटलिपुत्र सांसद और बड़ी बहन मीसा भारती, राज्यसभा सदस्य संजय यादव जैसे कई करीबी सहयोगी और परिवार के सदस्य भी पूर्व डिप्टी सीएम के साथ मौजूद रहे.

प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव पर बोला था हमला

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने उस वक्त आरजेडी नेता को घेरा था जब ये खबरें थी कि तेजस्वी यादव राघोपुर के अलावा किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं. प्रशांत किशोर ने कहा था कि अगर तेजस्वी यादव ऐसा करते हैं तो राघोपुर में उनका वही हश्र होगा जो गठबंधन सहयोगी राहुल गांधी का हुआ था. कांग्रेस नेता राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनावों में वायनाड से जीते थे, लेकिन अमेठी में हार गए थे, जो पहले उनका गढ़ था.