बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तेजस्वी यादव पर 6 विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने इसे 'चाचा-भतीजे की आपसी राजनीति' बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी नई बात नहीं है और ऐसे आरोपों पर राजनीति करना उचित नहीं है.

Continues below advertisement

इसके अलावा तेजस्वी यादव द्वारा 40,000 करोड़ हराने के लिए खर्च पर सपोर्ट करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में विपक्ष को हराने के लिए पूरा पैसा खर्च किया गया है. शासन-प्रशासन की भी मिली भगत रही है और उसका भी उपयोग किया गया है. हर विधानसभा क्षेत्र में विपक्ष के विधायक को हराने के लिए ज्यादा से ज्यादा रुपए खर्च किए गए.

85% आरक्षण पर केंद्र से पहल की मांग- भाई वीरेंद्र

तेजस्वी यादव की 85 परसेंट आरक्षण की मांग पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि निश्चित और यह होना चाहिए. जब जातीय गणना बिहार में हुई तो नवमी अनुसूची में इसे डालने के लिए हम लोग प्रयास कर रहे हैं. हमारे नेता आगे आए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो अब केंद्र सरकार जब जनगणना करवा रही है तो यह करना चाहिए.

Continues below advertisement

तेजस्वी के स्वास्थ्य पर भाई वीरेंद्र ने राजनीति को बताया अमानवीय

वहीं तेजस्वी यादव के सदन में खड़े नहीं होने की राजनीति पर भाई वीरेंद्र ने आगे कहा कि इस तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए. उनका नाखून उखड़ गया है. जख्म है खड़ा नहीं हो सकते हैं. व्हीलचेयर पर चलते हैं फिर सदन में कैसे खड़ा हो सकते हैं. इतनी संवेदना तो लोगों में होनी चाहिए, लेकिन हर बात में राजनीति करते हैं.

ये भी पढ़िए- दरभंगा के जिस गांव में 70 ब्राह्मणों पर SC-ST एक्ट लगा वहां अब उठाया गया बड़ा कदम, ऐक्शन में पुलिस