बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य के DGP विनय कुमार से शुक्रवार (7 अगस्त) को मुलाकात की. उन्होंने 25 जुलाई को छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफल के चलाने को लेकर सीवान के एसपी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि एके-47 का आदेश चलाने का किसने दिया. एक सिपाही का बली का बकरा नहीं बनाया जा सकता. आदेश देने वाले बच नहीं सकते हैं.
डीजीपी से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस मामले पर न देश के गृह मंत्री बोल रहे हैं और न बिहार के गृह मंत्री बोल रहे हैं. उन्होंने मांग की कि बिहार के मुख्यमंत्री अपने बातों को जनता के सामने रखें और उसे मामले का स्पष्ट करें.
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने विपक्ष के सभी नेताओं से आग्रह किया कि वो बिहार आएं और मुख्यमंत्री से इस विषय पर जवाब मांगा जाए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में बड़े-बड़े माफियाओं पर जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कुछ बदलने वाला नहीं है.
तेजजस्वी यादव ने कहा, ‘‘मैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने संसद में इस मुद्दे को उठाया।’’ उन्होंने कहा कि वह दोनों नेताओं को आमंत्रित करना चाहेंगे कि वे यहां आएं और 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात करें.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में लगातार अपराध बढ़ते जा रहा है. बिहार की छवि 'पुलिस स्टेट' के रूप में बन रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में लीपा पोती की गई.
तेजस्वी यादव ने कहा, "कल मैं रोहतास जा रहा हूं. एक मजदूर की मजदूरी मांगने पर हत्या कर दी जाती है. उनके परिवार से मिलूंगा. बिहार में अपराधियों का बोलबाला है. जब राज्य का मुख्यमंत्री सात हत्या का आरोपी हो तो सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है."
