राजधानी पटना सहित छह जिलों में बीते गुरुवार (14 मई, 2026) की शाम सात बजे 15 मिनट के लिए ब्लैकआउट (Blackout) हुआ था. इस दौरान पटना के मुसल्लहपुर में एक मसाला कारोबारी पिंटू की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने सरकार से सवाल किया है.

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तेजस्वी ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए कहा कि बिहार में अधिकृत तौर पर सरकार अपराधियों की सहयोगी बन चुकी है. सरकार ने ब्लैकआउट किया और पटना में इस ब्लैकआउट को सुनहरे अवसर में परिवर्तित करते हुए अपराधियों ने एक व्यापारी को गोली मार दी. ब्लैकआउट के पांच मिनट बाद हुए इस आपराधिक कृत्य से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं. ब्लैकआउट के अंधेरे का लाभ उठाते हुए अपराधी भाग गए और व्यापारी की अस्पताल में मौत हो गई.

'...सरकार अपराधियों की सहयोगी कैसे बन गई?'

उन्होंने कहा, "सवाल ये खड़ा होता है कि जिस सरकार को अपराध रोकने और अपराधियों को पकड़ने के लिए चुना गया था, वो सरकार अपराधियों की सहयोगी कैसे बन गई? ब्लैकआउट को कैसे अपराधियों ने साजिश रचने और हत्या करने के अवसर के रूप में चुना और कैसे वो सफलतापूर्वक हत्या की वारदात को अंजाम दे पाए?"

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तेजस्वी यादव ने इस घटना पर कहा कि इसकी उच्चस्तरीय जांच हो. सरकार की इस चूक की समीक्षा हो और ये भी सुनिश्चित करें कि अपराधियों और सरकार में बैठे लोगों की कोई सांठगांठ या साजिश तो नहीं. अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव की ओर से उठाए गए इस सवाल पर बीजेपी की ओर क्या जवाब दिया जाता है.

'ऐसा लगता है बिहार में सरकार नाम की चीज नहीं'

इस हत्याकांड पर आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि अपराध और अपराधियों का मनोबल बढ़ चुका है. सत्ता में जो लोग बैठे हुए हैं वो कहीं न कहीं ऐसे लोगों को बढ़ावा देते हैं. बिहार में जिस तरह से सरकार का इकबाल समाप्त हुआ है, जिस तरह से लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति है, ऐसा लगता है बिहार में सरकार नाम की चीज नहीं है.

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