जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पटना के बेउर जेल में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी और काम के दबाव को लेकर बिहार सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कहा कि जेल की सुरक्षा में तैनात कर्मी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण प्रहरी हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए.
तेज प्रताप यादव ने कहा कि जानकारी मिल रही है कि बेउर जेल में कई पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों से लगातार 14 से 15 घंटे तक ड्यूटी कराई जा रही है. उनका दावा है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद कर्मियों को पर्याप्त आराम और नियमित छुट्टी नहीं मिल पा रही है.
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'कर्मचारियों पर शारीरिक-मानसिक दबाव बढ़ सकता है'
उन्होंने कहा कि लगातार लंबी ड्यूटी से कर्मचारियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त आराम बेहद जरूरी है.
बिहार सरकार से ड्यूटी का समय तय करने की मांग
जनशक्ति जनता दल प्रमुख ने बिहार सरकार से मांग की कि बेउर जेल में तैनात कर्मियों की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लिया जाए. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की ड्यूटी का समय उचित रखा जाना चाहिए और उन्हें नियमित अवकाश मिलना चाहिए. तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि किसी भी कर्मचारी पर अनावश्यक कार्यभार नहीं डाला जाना चाहिए. उनके मुताबिक, कर्मचारियों को बेहतर कामकाजी माहौल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है.
‘पुलिसकर्मी बिहार का गौरव’
तेज प्रताप यादव ने कहा कि पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करने वाले इन कर्मचारियों की सेवा का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है. पर्याप्त आराम मिलने से कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभा सकेंगे.
‘उचित ड्यूटी, आराम और छुट्टी सुनिश्चित हो’
तेज प्रताप यादव ने अपनी मांग को स्पष्ट करते हुए कहा कि बेउर जेल के कर्मियों के लिए उचित ड्यूटी, पर्याप्त आराम और समय पर छुट्टी सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने बिहार सरकार से अपील की कि कर्मचारियों की शिकायतों और कार्य परिस्थितियों की समीक्षा कर जरूरी कदम उठाए जाएं. उनका कहना है कि जेल जैसे संवेदनशील संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए वहां तैनात कर्मचारियों का स्वस्थ और संतुलित रहना भी उतना ही जरूरी है.
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