सासाराम नगर निगम के एक हालिया आदेश की काफी चर्चा हो रही है. निगम ने क्षेत्र के सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे आवारा कुत्तों से जुड़ी जानकारी देने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें. यह नोडल अधिकारी स्कूल का कोई शिक्षक होगा. आदेश 15 दिसंबर 2025 का ही है जो हाल ही में सामने आया है. इससे स्कूल के शिक्षकों की टेंशन अब बढ़ गई है. 

Continues below advertisement

किस लिए जुटाया जा रहा है डेटा

सासाराम नगर निगम के आदेश पत्र के अनुसार, नामित शिक्षक को स्कूल परिसर और उसके आसपास मौजूद आवारा कुत्तों की संख्या, उनकी स्थिति एवं नियंत्रण के संभावित उपायों की रिपोर्ट नगर निगम को उपलब्ध करानी होगी. इस पूरे मामले में निगम का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए डॉग पाउंड बनाने की योजना है, और इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों से सटीक डेटा एकत्र किया जा रहा है.

नगर आयुक्त ने क्या कुछ कहा?

इस पूरे मामले में सासाराम नगर निगम के आयुक्त विकास कुमार ने कहा कि यह निर्देश राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुपालन में जारी किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों से नोडल अधिकारियों की सूची मांगी गई है ताकि स्थानीय स्तर पर सही जानकारी मिल सके और प्रभावी कार्रवाई हो सके. 

Continues below advertisement

आदेश के बाद शिक्षकों में नाराजगी

नगर निगम की ओर से इस आदेश के बाद अब जिले के शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिल रही है. शिक्षकों का मानना है कि पहले से ही उन्हें जनगणना, मतदाता सूची संशोधन और चुनाव ड्यूटी जैसे कई गैर-शैक्षणिक कार्य सौंपे जाते रहे हैं. अब आवारा कुत्तों की गिनती की अतिरिक्त जिम्मेदारी थोपना उनके मूल कार्य (बच्चों को पढ़ाना) में बाधा डालेगा. फिलहाल इस पर कैमरे के सामने आकर बोलने से ज्यादातर शिक्षक बच रहे हैं ताकि उन पर किसी तरह की विभागीय कार्रवाई न हो जाए. फिलहाल इस आदेश के बाद जिले के शिक्षकों में रोष देखा जा रहा है.

यह भी पढ़ें- बिहार: आरा के जगदीशपुर में बुजुर्ग की हत्या, पीठ पर दो जगह मिले गोली के निशान, क्या है मामला?