अखिलेश यादव का पोस्ट कांग्रेस पर निशाना? तारिक अनवर का ऐसा जवाब, 'उन्होंने अपनी पार्टी की...'
Tariq Anwar on Akhilesh Yadav: कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि तमिलनाडु में तो समावजादी पार्टी है नहीं, वहां तो कांग्रेस है.

समाजवादी पार्टी के मुखिया और इंडिया गठबंधन के सहयोगी अखिलेश यादव का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है. उन्होंने ममता बनर्जी और एमके स्टालिन के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि 'हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें.' उनके इस पोस्ट को सियासी कॉरिडोर में कांग्रेस पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर, तब जब तमिलनाडु में स्टालिन की हार के बाद जब कांग्रेस ने टीवीके चीफ विजय को समर्थन देने का फैसला किया है.
तमिनलाडु में समाजवादी पार्टी तो है नहीं- तारिक अनवर
अखिलेश यादव के इस सोशल मीडिया पोस्ट पर बिहार की कटिहार सीट से कांग्रेस के सीनियर सांसद तारिक अनवर की प्रतिक्रिया सामने आई है. जब उनसे सवाल किया गया कि अखिलेश यादव को सोशल मीडिया पोस्ट को कांग्रेस पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है तो उन्होंने कहा, "मेरा खयाल है कि ऐसा नहीं है. उन्होंने अपनी पार्टी की पॉलिसी बताई कि जिसके साथ हमारा गठबंधन है, उसको जारी रखते हैं. लेकिन जो तमिलनाडु की जो स्थिति है, वहां समाजवादी पार्टी तो है नहीं, वहां कांग्रेस है. कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने ये तय किया कि हमें विजय को सपोर्ट करना चाहिए."
'सबसे बड़ी पार्टी को राज्यपाल को आमंत्रित करना चाहिए'
तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर उन्होंने आगे कहा, "संविधान के जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में जो सबसे बड़ी पार्टी होती है उसको राज्यपाल आमंत्रित करते हैं. उनको समय देते हैं कि आप अपना बहुमत विधानसभा के फ्लोर पर साबित करें. ये होता रहा है. यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर भी हमें याद आता है कि अटल बिहारी वाजपेयी जी को भी बड़ी पार्टी की हैसियत से आमंत्रित किया गया. उनका शपथ हुआ था और उनसे कहा गया था कि आप बहुमत साबित करिए. लेकिन एक वोट से उनकी सरकार गिर गई थी. सभी को ये याद होगा."
सम्राट की पुलिस ने शिक्षक अभ्यर्थियों को पीटा, लाठीचार्ज पर चिराग पासवान बोले- 'सरकार-प्रशासन को…'
'गवर्नर साहब का ये एटीट्यूड गलत है'
तारिक अनवर ने कहा, "मौका तो मिलना चाहिए. मौका नहीं देना, गवर्नर साहब का ये जो एटीट्यूड है, गलत है. ये हमारी परंपरा के विपरीत है. ...मौजूदा स्थिति में विजय की पार्टी सबसे ज्यादा सीटें लेकर आई है. उनकी लोकप्रियता को भी लोगों ने चुनाव के दौरान देखा है. उसको देखते हुए गवर्नर साहब को पहले तो उन्हें आमंत्रित (सरकार बनाने के लिए) करना चाहिए."
बिहार: स्वास्थ्य मंत्री बनते ही निशांत कुमार ने कर दिया बड़ा ऐलान, 'अमीर हो या गरीब…'

























