बिहार के सुपौल जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. राजेश्वरी थाना क्षेत्र के चरने गांव में 19 वर्षीय एक युवती की निर्मम हत्या कर दी गई. युवती का शव गांव के ही उत्क्रमित मध्य विद्यालय की पहली मंजिल पर खून से लथपथ हालत में मिला है.
इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है. मृतका की पहचान वार्ड संख्या 4 निवासी स्वर्गीय सियाराम सरदार की बेटी वंदना कुमारी के रूप में हुई है.
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रात 12 बजे गायब हुई वंदना, फिर सुनाई दी चीख
जानकारी के अनुसार, वंदना अपने परिवार में सबसे छोटी थी. सोमवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने घर में ही संचालित परचून की दुकान में अपनी भतीजी के साथ सो रही थी. देर रात करीब 12 बजे बच्ची के रोने की आवाज सुनकर वंदना की बड़ी भाभी अमेरिका देवी दुकान पर पहुंचीं, तो देखा कि वंदना वहां नहीं थी.
भाभी ने जब वंदना के मोबाइल पर फोन किया तो उसने कहा कि वह बाथरूम गई है. कुछ मिनट बाद दोबारा फोन करने पर वंदना ने कहा, "आ रही हूं," लेकिन इसके तुरंत बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया.
स्कूल की पहली मंजिल पर मिला खून से लथपथ शव
परिजनों के अनुसार, फोन कटने के लगभग 10 मिनट बाद सरकारी स्कूल की दिशा से दो बार किसी के ज़ोर से चीखने की आवाज सुनाई दी. किसी अनहोनी की आशंका से घबराए परिवार वाले और ग्रामीण टॉर्च लेकर खोजबीन करते हुए स्कूल पहुंचे. वहां पहली मंजिल पर वंदना का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था. घटनास्थल पर भारी मात्रा में खून फैला था और गला रेतकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है.
जांच में जुटी पुलिस और फॉरेंसिक टीम
वारदात की सूचना मिलते ही राजेश्वरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार सुबह एसडीपीओ विभाष कुमार और सुपौल के एसपी शरथ आर एस ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया और मातहत अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम (FSL) को भी बुलाया गया है, जिसने मौके से कई अहम सुराग इकट्ठे किए हैं.
फिलहाल पुलिस प्रेम प्रसंग, आपसी रंजिश समेत हर पहलू से मामले की गहराई से जांच कर रही है. परिजनों ने दुष्कर्म की आशंका से साफ इनकार किया है. हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही है कि रात के अंधेरे में वंदना आखिर सरकारी स्कूल की पहली मंजिल तक कैसे और क्यों पहुंची? यह गुत्थी सुलझाना अब पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है.
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