सम्राट चौधरी बिहार के अगले सीएम होंगे. बीजेपी विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी को बधाई दी. साथ ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों के लिए पीएम मोदी भरोसा और विश्वास शब्द के पर्याय बन चुके हैं.

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बिहार की जनता की यही उम्मीद थी- उपेंद्र कुशवाहा

उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया एक्स (X) पर लिखा, "आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, बिहार की जनता की यही उम्मीद थी. इस निर्णय के लिए आपको, आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी, माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन जी सहित भाजपा और एनडीए के सभी नेताओं को राष्ट्रीय लोक मोर्चा एवं समस्त बिहारवासियों की तरफ से हार्दिक धन्यवाद और आभार. महोदय,  ऐसे ही निर्णयों/कार्यों के लिए आप भरोसा और विश्वास शब्द के पर्याय बन चुके हैं."

कल सीएम पद की शपथ लेंगे सम्राट चौधरी

बिहार में मंगलवार (14 अप्रैल) को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक के बाद वो दोपहर में लोकभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके बाद बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई. इस बैठक में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव विजय कुमार सिन्हा ने रखा जिसका सभी ने समर्थन किया. बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद ही ये साफ हो गया कि बिहार के अलगे सीएम सम्राट चौधरी ही होंगे.

बिहार में पहली बार होगा बीजेपी का सीएम

बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक हुई. इस बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लग गई. नीतीश कुमार ने माला पहनाकर सम्राट चौधरी का स्वागत किया. सम्राट चौधरी ने पैर छूकर नीतीश कुमार से आशीर्वाद लिया. ये पहली बार होगा जब बिहार में बीजेपी अपना सीएम बनाएगी.

गौरतलब है कि राज्यसभा जाने के अपने फैसले के बाद से ही मंचों से नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम पर इशारों-इशारों में मुहर लगा दी थी. वो अपना भाषण समाप्त करने के बाद सम्राट चौधरी के पास विशेष तौर पर उनकी पीठ पर अपना हाथ रखते थे और जनसभा में मौजूद लोगों से कहते थे कि अब आगे यही देखेंगे. 

हालांकि, इसके बावजूद भी सीएम पद को लेकर सस्पेंस था. लेकिन ये भी बात सच है कि सूत्रों ने हमेशा सीएम की रेस में सम्राट चौधरी का नाम ही आगे बताया. फिर भी बीजेपी की राजनीति रही है कि वो अपने फैसलों से चौंकाती रही है. लेकिन मंगलवार को धीरे-धीरे तस्वीर साफ होती चली गई और बिहार में 'सम्राट युग' पर मुहर लग गई.