मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (02 सितंबर, 2026) को कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें कुल 27 एजेंडों पर मुहर लगी. बैठक में बिहार के 45 पुलों और 55 स्टेट हाईवे को लेकर सम्राट सरकार ने बड़ा फैसला लिया.

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बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों की विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने दी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले चरण में 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले 47 पुलों और 55 स्टेट हाईवे (एसएच) का चयन किया है. इन पथों और पुलों से गुजरने वाले वाहनों से टोल टैक्स की वसूली होगी.

टोल बूथ बनाने के लिए 30 करोड़ 94 लाख रुपये के अनुमानित व्यय पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. टोल टैक्स की वसूली से पहले कई महत्वपूर्ण कार्य जैसे पथों एवं पुलों से गुजरने वाले वाहनों का यातायात सर्वेक्षण कार्य, ओरीजीन-डेस्टीनेशन सर्वे कार्य, टोल प्लाजा के लिए स्थानों का चयन आदि होना है.

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प्रदर्शन के आधार पर नगर निकायों को मिलेगी राशि

दूसरी ओर एक और बड़ा निर्णय लिया गया है कि राज्य के नगर निकायों को अब उनके कार्यों के प्रदर्शन के आधार पर राशि मिलेगी. मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि जो शहरी स्थानीय निकाय (अर्बन लोकल बॉडीज) बेहतर प्रदर्शन करेंगे या अपने संसाधनों को बेहतर तरीके से जुटा सकेंगे, वे अतिरिक्त राशि के लिए पात्र होंगे. 

मंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग का कार्यकाल इस वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो गया है. अब 16वें वित्त आयोग के माध्यम से राशि का वितरण हो रहा है. इसके तहत सभी 264 नगर निकायों के लिए आगामी 5 वर्षों के लिए करीब 9 हजार 169 करोड़ रुपये के राशि की स्वीकृति मंत्रिपरिषद की बैठक में दी गई. 

15वें और 16वें वित्त आयोग में मुख्य रूप से दो प्रमुख बदलाव आए हैं. आवंटन की 90 फीसद राशि का आधार अभी भी जनसंख्या ही है. 15वें वित्त आयोग में जो 10 फीसद राशि क्षेत्रफल के आधार पर दी जाती थी. उसे अब संशोधित करके प्रदर्शन आधारित बना दिया गया है. 

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इसके अलावा नए शहरों के जुड़ने या ग्रामीण क्षेत्रों से शहरीकरण बढ़ने पर दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति के आधार पर वन टाइम इंसेंटिव ग्रांट का नया प्रावधान भी जोड़ा गया है. साथ ही पटना नगर निगम के लिए विशेष आधारभूत संरचना घटक के तहत वेस्ट वाटर मैनेजमेंट (अपशिष्ट जल प्रबंधन) के लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की योजना का प्रावधान है, जिसमें 60 फीसद राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होगी. 

बताया गया कि 9 हजार 169 करोड़ में 50 फीसद राशि वेस्ट वाटर मैनेजमेंट पर खर्च होगी. शेष 50 फीसद राशि यूएलबी (शहरी एवं स्थानीय निकाय) के लिए चिह्नित किए गए 18 कार्यों पर खर्च होगी. 

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